कोरोना के विरुद्ध जारी यह जंग में यूं तो स्वास्थ्य विभाग के हरेक कर्मचारी अपना श्रेष्ठ योगदान दे रहा है, लेकिन सीएमएचओ कार्यालय के 5 कर्मचारी ऐसे हैं, जो पिछले 5 माह से बिना रुके, बिना थके कोरोना से दो-दो हाथ कर रहे हैं। होली का त्यौहार ही सबने घर परिवार के साथ बिताए था। उसके बाद 11 मार्च को दफ्तर पहुंचे। तबसे अब तक इनके लिए कोरोना से जंग ही तीज-त्यौहार हो गई है। पढ़िए उनकी अनटोल्ड स्टोरी...।
सीएमएचओ दफ्तर के 5 कर्मियों की अनटोल्ड स्टोरी : कोरोना के खिलाफ जंग में किसकी क्या भूमिका है, जानिए...
जितेंद्र साहू, स्टोर कीपर
कोरोना से जंग में जितेंद्र साहू को सीएमएचओ ने उसकी जांच से लेकर इलाज तक के सभी वस्तुओं को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी है। किस जांच टीम को पीपीई किट चाहिए, अस्तपताल में कहां आक्सीजन की जरूर है, सब इन्हें ही देखना पड़ रहा है। 11 मार्च से यह इस कार्य को बखूबी निभा रहे हैं।
प्रवीण पाल, स्टोर लिपिक
सीएमएचओ स्टोर को मैनेज करना कोविड अस्पताल से लेकर, जिला अस्पताल या फिल्ड में रोकथाम संबंधी समान तत्काल उपलब्ध कराना इनके जिम्मे हैं। जितेंद्र और प्रवीण ही वार अगेंस्ट कोरोना में जरूरत के सभी हथियारों को ग्राउंड पर उपलब्ध करा रहे हैं। रोज इन्हे रात के 11 तो बजते ही है।
लक्ष्मीकांत, लेखपाल
जिले में जैसे ही कोई पॉजिटिव मरीज मिलता है, वैसे ही लक्ष्मीकांत के मोबाइल की घंटी बजना शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि 108 नहीं मिलने पर उस पेशेंट को हास्पिटल शिफ्ट करने के लिए वाहन इन्हें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। संक्रमित डेड बॉडी परिजनों को सौपने का काम भी है।
फणेंद्र साहू, सहायक लिपिक
कोरोना संबंध पत्राचार को मैनेज करने का जिम्मा इन्हें मिला है। क्वारेंटाइन सेंटर हो या आइसोलेशन सेंटर, वहां की जरूरत संबंधी कागजात यही सही जगह सही समय पर पहुंचाते हैं। पिछले पांच माह से डेली इन्हें सैकड़ों पत्र पढ़ने और उन्हें सही जगल भेजना पड़ रहे हैं। व्यवस्था बनाने में इनकी भूमिका अहम है।
गणेश, एचआईवी सलाहकार
कोरोना का कंट्रोल करने के लिए इन्हें सीएमएचओ कार्यालय के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी मिली है। डेली यह सुबह दफ्तर पहुंच जाते हैं। तबसे लेकर रात तक इन्हें सैकड़ों फोन अटेंड करना पड़ता है। ग्राउंड में काम करने वाली टीम को आवश्यकता संबंधी सूचना इन्हीं के द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
ऐसी जंग कभी नहीं लड़ी थी, सब ग्राउंड में तैनात है...
स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी जंग पहले कभी नहीं लड़ी थी। इसके बाद भी हमारे अधिकारी और कर्मचारी उससे दो-दो हाथ कर रहे हैं। इसमें कभी-कभी हम सबको पूरी रात काम करना पड़ रहा है। वार रूम में कुछ कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। उन जिम्मेदारियों को वह पूरी तल्लीनता से निभा रहे हैं। हम जरूर कोरोना से जंग जीतेंगे।
डॉ. गंभीर सिंह, सीएमएचओ, दुर्ग
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2PFSqL7
via
Comments
Post a Comment