विधायकों को चाय की जगह मिलेगा काढ़ा, फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए 11 अतिरिक्त कुर्सियां लगाई जाएंगी
25 अगस्त से शुरु होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सदस्यों को अब चाय नहीं बल्कि काढ़ा पिलाया जाएगा। वहीं सत्र के दौरान ड्यूटी करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को विधानसभा में ही रहना होगा। जबकि फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए सदन के भीतर 11 अतिरिक्त कुर्सियां लगाई जाएंगी।
स्पीकर डा.चरणदास महंत ने पत्रकार दीर्घा सलाहकार समिति की बैठक में कहा कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए विधानसभा सत्र के दौरान इसके लिए बनाए गए सभी गाइड लाइनों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सदन के भीतर बैठने वाले सोफे पर ग्लास का पार्टीशन किया गया है। संसदीय सचिवों औैर विधायकों के साथ किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। जबकि मंत्री के साथ उनके एक विशेष सहायक या निज सचिव को ही भीतर जाने की अनुमति दी गई है। महंत ने बताया कि सभी सदस्यों को कोरोना से बचाव के लिए एक हेल्थ किट भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिसर में आमजनता का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा जबकि पत्रकारों को परिसर में बनाए गए ऑडिटोरियम से ही कवरेज की अनुमति दी गई है। जहां सदन की कार्यवाही दिखाने बड़ा सीसीटीवी स्क्रीन लगाई जाएगी। रोज सदन का सैनेटाइजेशन कराया जाएगा।
सदस्यों का टेम्प्रेचर एवं आक्सीजन लेवल भी रोज चेक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य सभी भवन एवं मुख्य समिति कक्ष में एंटी बैक्टेरियल सरफेस कोटिंग करायी जा रही है। वहीं सचिवालय के भी वहीं अधिकारी,कर्मचारी कार्यालय आएंगे जिनका सत्र से संबंधित अथवा विभागीय काम से रोज आना जरूरी है। इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी और प्रमुख सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े भी
मौजूद थे।
शहीद जवानों और जोगी समेत अन्य दिवंगतों को श्रद्धांजलि : महंत ने बताया कि पहले दिन मिनपा और गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों के साथ प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे- बलिहार सिंह, पूर्व सांसद रजनीगंधा देवी को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Ej5T9k
via
Comments
Post a Comment