यह तस्वीर शहर के कोविड और मातृ शिशु अस्पताल जाने वाली सड़क की है। 100 मीटर की इस सड़क पर 60 गड्ढे हैं। कोरोना मरीज और गर्भवती महिलाएं गड्ढों भरे इसी रास्ते से अस्पताल जाने मजबूर हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन तीन बार नगर निगम और कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर इस समस्या को बता चुका है, लेकिन अभी तक रास्ता जस का तस है। बता दें कि प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का अस्पताल आना-जाना होता है।
ऊबड़ खाबड़ रास्ते से गुजरने में सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हो रही है। जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉक्टर मधुलिका सिंह ने बताया कि सड़क दुरुस्त करने के लिए निगम आयुक्त और कलेक्टर को पत्र लिखने के बावजूद कोई कार्य अब तक नहीं हो पाया है।
कोरोना के कारण आगे के गेट को बंद करना पड़ा
जब से जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को कोविड अस्पताल बनाया है, तब से पुराने बस स्टैंड के पास बने मुख्य गेट को बंद कर दिया गया ताकि कोई भी सीधे कोरोना अस्पताल में न चला जाए। संक्रमण से बचाव के मद्देनजर प्रबंधन ने सामने के रास्ते को बंद कर दिया था। वहीं अस्पताल के पीछे यानी सीएमडी कॉलेज के बगल से बने रास्ते से अस्पताल आना-जाना शुरू किया लेकिन वह रास्ता गड्ढों की वजह से परेशानियों का सबब बन गया है।
जिम्मेदार: नगर निगम के जोन कमिश्नर डीके शर्मा के मुताबिक रोड की रिपेयरिंग से काम नहीं चलेगा। अत: नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य कराया जाएगा।
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