झारखंड में गुरुवार को कोरोना से 25वीं मौत हुई। 177 नए पॉजिटिव भी मिले। 10 दिन में महामारी का पॉजिटिविटी रेट करीब 3.29% तक पहुंच गया है। यानी हर 100 टेस्ट में से तीन से अधिक सैंपल कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में बीमारी के पुष्ट मामलों में और बढ़ोतरी होगी।
आंकड़ों बता रहे हैं कि जुलाई में राज्य का सैंपल पॉजिटिविटी रेट अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। एक से आठ जुलाई के बीच कोरोना संक्रमण के 702 केस मिले हैं, जबकि इस अवधि में 22063 सैंपल की जांच की गई। शुरुआत में मामले कम बढ़ रहे थे, लेकिन जून के पहले सप्ताह के बाद तेजी आ गई। तीन से 10 जून के बीच प्रति 100 सैंपल की जांच में 3.1 संक्रमित मिल रहे थे। 24 से 26 जून के बीच पॉजिटिविटी रेट महज 1.7% रह गई थी।
क्रिटिकल कंडीशन के करीब कोडरमा-सिमडेगा
प्रति 100 सैंपल जांच में छह मरीजों को मिलना क्रिटिकल माना जाता है। राष्ट्रीय पॉजिटिविटी रेट 8.66% है। झारखंड में हजारीबाग का सैंपल पॉजिटिविटी रेट 3.63%, कोडरमा का 4.86%, रामगढ़ का 3.10%, सिमडेगा का 4.61% पहुंच गया है। केस फर्टिलिटी की बात करेंतो कई जिले ऑरेंज जोन में हैं। बोकारो 3.64%, धनबाद-1.33, गिरिडीह 1.92, हजारीबाग 1.41, खूंटी 3.13, रांची 1.33%, साहेबगंज 11.76% केस फर्टिलिटी है।
रांची में 16 नए कोरोना पॉजिटिव...देवघर का मरीज, मेदांता में मौत
राज्य में गुरुवार को 177 नए मरीज मिले। वहीं राज्य में 25वीं मौत भी हो गई। मृतक देवघर का रहने वाला था, जिसका इलाज रांची के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। वह हृदय रोग से पीड़ित था। राज्य में अब तक हुई मौतों में रिटायर्ड डीडीसी और बंगाल का श्रमिक भी शामिल है। इधर, नए संक्रमितों में बोकारो के 29, पूर्वी सिंहभूम के 20, रांची के 16, कोडरमा के 16, चतरा के 14, लातेहार के 11, हजारीबाग के 10, पलामू के 7, रामगढ़ के 6, गिरिडीह के 6, लोहरदगा के 6, देवघर के 5, सिमडेगा के 05, साहेबगंज के 4, धनबाद के 4, गुमला के 2, गोड्डा के 6, सरायकेला के 4, चाईबासा के 5, जामताड़ा के 1 मरीज हैं।
संक्रमित पेयजल मंत्री की बेटी भी पॉजिटिव
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनकी बेटी संक्रमित पाई गई है। बुधवार को उनकी सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें रात में ही रिम्स के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है।
जांच बढ़ाने के लिए सरकार की पहल, कोरोना जांच के लिए अब डॉक्टर की पर्ची जरूरी नहीं
कोरोना जांच के लिए अब डॉक्टर की पर्ची जरूरी नहीं है। इसे लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक डॉ. शैलेश चौरसिया ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि कोई भी व्यक्ति जरूरत के अनुसार स्वाब कलेक्शन सेंटर में सैंपल देकर जांच करा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन और आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने राज्यों काे तत्काल कदम उठाने काे कहा है।
विशेषज्ञ बोले- पीक से पहले बढ़ाना होगा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
अब तक देश में कोरोना का पीक नहीं आया है, इसे आने में थोड़ा और वक्त लगेगा। जब तक बीमारी का पीक आकर चला नहीं जाता, मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती रहेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की तत्काल जरूरत है, ताकि समय पर मरीजों को इलाज मिल सके ।
डॉ. एस सिंह, जनरल फिजिशन, रिम्स
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/38KllGw
via IFTTT
Comments
Post a Comment