रांची यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमार का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो गया। अब शुक्रवार से रांची विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक का रिक्त हो गया है। क्योंकि, परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) इसी वर्ष फरवरी में इंटरव्यू का आयोजन किया गया था। लेकिन इंटरव्यू के चार माह बाद भी जेपीएससी द्वारा नतीजे घोषित नहीं किए गए हैं। बताते चलें कि वर्तमान परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमार की नियुक्ति राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा एक वर्ष के लिए की गई थी,
जो गुरुवार को एक वर्ष पूरा हो गया।इधर, कोरोना के चलते कई परीक्षाएं पेंडिंग चल रहीं हैं। सितंबर महीने में यूजी सिक्स और पीजी फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की जानी है, जिसमें स्टूडेंट्स की संख्या लगभग 40 हजार है। ऐसे में एक दिन भी परीक्षा नियंत्रक का पद रिक्त रहना भविष्य में मुश्किलें बढ़ा सकता है। बताते चलें कोरोना काल में भी परीक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। सिर्फ लॉकडाउन के दौरान 46 परीक्षाओं के रिजल्ट घोषित किए जा चुके हैं।
सेवा से पहले इस्तीफा... इसलिए लटका नियंत्रक का रिजल्ट
परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्ति मामले में जेपीएससी ने आरयू प्रशासन से पूछा था कि परीक्षा नियंत्रक के पद पर चार वर्ष के लिए नियुक्ति की जाती है। ऐसी स्थिति में पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष कुमार झा ने कार्यकाल पूरा (वर्ष 2021 में कार्यकाल पूरा हो रहा था) किए बिना ही इस्तीफा क्यों दिए थे।
आरयू प्रशासन ने इसका जवाब जेपीएससी को भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि पूर्व परीक्षा नियंत्रक को हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्होंने स्वयं इस्तीफा दे दिया था। इसकी वजह उन्होंने अध्ययन और रिसर्च बताया था। आरयू द्वारा वांछित जवाब भेज दिए जाने के बाद भी जेपीएससी द्वारा परीक्षा नियंत्रक का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है।
राजभवन को है जानकारी
परीक्षा नियंत्रक का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो गया है। इसकी जानकारी राजभवन को दे दी गई है। राजभवन के निर्देश के आलोक में आगे की कार्यवाही की जाएगी। -डॉ. रमेश कुमार पांडेय, वीसी आरयू
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