प्रियरंजन विनोद, प्रकृति ने कांडी को बाढ़, सुखाड़ तथा बार बार प्राकृतिक आपदा की त्रासदी झेलना लिखा है तो दूसरी ओर भू संपदा, जल संपदा व जन संपदा से भी नवाजा है। इसमें अधिकारी व जन प्रतिनिधि की कोशिश व सरकार की कार्रवाई जुड़ जाए तो अभिशाप वरदान में बदल सकता है। इसके लिए सबसे पहले कांडी प्रखंड के डुमरसोता से सोनपुरा गांव के बीच सोन नदी तट पर अवस्थित हजारों एकड़ खाली पड़ी जमीन पर पावर प्लांट लगाकर औद्योगीकरण की शुरुआत की जा सकती है। कहा कि पावर प्लांट अपने आप में एक बड़ा उद्योग है और इससे जेनरेट पावर की बदौलत सैकड़ों छोटे बड़े उद्योग लगाए जा सकते हैं।
ग्रामीण बोले- उद्योग से ही बदल सकती है क्षेत्र की किस्मत, उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर पहल की मांग
ग्रामीण राममणि तिवारी, सत्येंद्र दुबे, विनोद दुबे, रमाकांत मेहता, विनोद मेहता, इमामुद्दीन खां, भोला मेहता आदि ने कहा कि गढ़वा जिला में उद्योगों की स्थापना से लोगों का कायाकल्प हो सकता है। कांडी के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने कांडी में पावर प्लांट की स्थापना को लेकर पहल किए जाने की मांग की है।
कांडी प्रखंड 20 सूत्री समिति के अध्यक्ष रामलाला दुबे व कांडी पंचायत के मुखिया विनोद प्रसाद ने खाली पड़े भूखंड को दिखाते हुए कांडी प्रखंड क्षेत्र में पावर प्लांट के स्थापना की गुहार लगाई है। कहा कि डुमरसोता, सड़की, नावाडीह, बूढ़ी नाऊन, गुजरिया, चंद्रपुरा, बलियारी, सोनपुरा व बुनियादबीघा गांव तक की हजारों एकड़ खाली पड़ी जमीन पर एक से अधिक पावर प्लांटों की स्थापना की जा सकती है।
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