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Jharkhand daily news

अमित सिंह,एचईसी में इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट खरीदारी में करोड़ों की गड़बड़ी हुई है। कंपनी के अफसरों ने अपने फायदे के लिए टेंडर की शर्तों का उल्लंघन कर एक ही कम्पोनेंट दो कंपनियों से अलग-अलग दर पर खरीदकर करोड़ों रुपए का खेल किया है। इस खरीदारी से 1 करोड़ 32 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है।

ऐसी गड़बड़ी एक खरीदारी में सामने आई है, जिसकी जानकारी साक्ष्य के साथ सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को मिली है। कमीशन ने 23 जून 2020 को सीबीआई को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की अनुशंसा की है। ज्ञात हो कि इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक रोप शॉवेल बनाने में किया जाता है।

2018 में तत्कालीन सीवीओ दीपक कुमार ने जांच में पकड़ी थी गड़बड़ी

एचईसी माइनिंग सेक्टर के लिए 580 इलेक्ट्रिकल रोप शॉवेल बना कर आपूर्ति कर चुका है। एक शॉवेल के इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट की खरीदारी में 1.32 करोड़ के गड़बड़ी की बात सामने आई है, ऐसे में सभी इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट खरीदारी की जांच होगी, तो करोड़ों का घोटाला सामने आएगा। इस गड़बड़ी को 2018 में तत्कालीन सीवीओ दीपक कुमार ने जांच के दौरान पकड़ा था। सीवीओ ने मामले की विस्तृत जांच कराने के लिए सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को लिखा था। सीवीओ की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट खरीदारी की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया।

डेढ़ साल से चल रही डिपार्टमेंटल जांच, इस पर भी उठे सवाल...

इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट खरीदारी में गड़बड़ी की बात जब सामने आई, तब एचईसी के अफसरों ने खुद को बचाने के लिए डिपार्टमेंटल जांच शुरू कर दी। यह जांच पिछले डेढ़ वर्षों से चल रही है। मगर इसमें अब तक किसी प्रकार की गड़बड़ी या दोषियों को लेकर अंतिम रिपोर्ट नहीं की गई है। जांच में एचईसी को दो वरीय अफसर पीके सिंह व आरके श्रीवास्तव को चार्जशीट की गई है। तत्कालीन सीवीओ ने इस जांच पर भी सवाल उठाया है।

रोप शॉवेल के 27 इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट की खरीदारी दो कंपनियों से होती है

एचईसी माइनिंग सेक्टर के लिए पांच क्यूबिक मीटर व 10 क्यूबिक मीटर क्षमता के इलेक्ट्रॉनिक रोप शॉवेल का निर्माण करता है। इन शॉवेल के लिए 27 इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट की खरीदारी की जाती है। इस खरीदारी के लिए इंटरनेशनल इलेक्ट्रिकल कमिशन और किर्लोस्कर इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड के साथ एचईसी का करार है। इन दोनों कंपनियों से इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट मंगाए जाते हैं। इसमें अलग-अलग कम्पोनेंट की दर के अनुसार दोनों कंपनियां एल वन और एल टू है। एचईसी के अफसरों ने एल वन कंपनी से खरीदा जाने वाला इलेक्ट्रिकल कम्पोनेंट एल टू कंपनी से खरीद लिया।

स्थापना काल से अब तक कुल 580 शॉवेल की आपूर्ति कर चुका है एचईसी

एचईसी अपनी स्थापना काल से लेकर अब तक कुल 580 शॉवेल की आपूर्ति कर चुका है। इसमें पांच क्यूबिक मीटर वाले 550 शॉवेल और 10 क्यूबिक मीटर वाले 30 शॉवेल शामिल हैं। इस क्षेत्र में एचईसी की अंतरराष्ट्रीय पहचान है। एचईसी 500 से अधिक शॉवेलों का निर्माण व आपूर्ति करने वाला विश्व की पहली कंपनी है। अधिकारियों के अनुसार पांच क्यूबिक मीटर क्षमता वाले शॉवेलों की मांग अब कम होगी। खनन क्षेत्र में बड़ी कंपनियां निवेश कर रही है और उन्हें बड़ी क्षमता वाले शॉवेलों की जरूरत होगी। इस कारण बड़े शॉवेल के निर्माण पर काम चल रहा है।



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Disturbances in the purchase of electrical components in HEC ... The officials made a game of buying the same component from two companies at different rates.


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