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Jharkhand daily news

राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार संक्रमण रोकने प्रयास कर रही है। पर, रांची सदर अस्पताल प्रबंधन की ऐसी लापरवाही सामने आई, जिससे संक्रमण और तेजी से फैल सकता है। अस्पताल परिसर में सोमवार को मरीज के इलाज में उपयोग हुए कचरे (बायोवेस्ट) को खुले में फेंक दिया गया। इसमें कोविड-19 के इलाज में उपयोग वेस्ट भी हैं। काफी मात्रा में बायोवेस्ट अस्पताल के इमरजेंसी और जहां डॉक्टर बैठते हैं, उससे 10 कदम की दूरी पर फेंका गया।

सिविल सर्जन ने कहा- बाहरी व्यक्ति ने परिसर में फेंका बायोवेस्ट

बायोवेस्ट के पास डॉक्टर, कर्मचारी और इलाज कराने के लिए आए लोगों की गाड़ियां पार्क थी। इस संबंध में सिविल सर्जन से बात करने की तो उन्होंने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति की बदमाशी है। अस्पताल से निकलने वाला बायोवेस्ट नगर निगम के कर्मचारी को सौंपा जाता है। मंगलवार को कचरा हटाया जाएगा।

भास्कर सवाल

सरकार के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन संक्रमण काे राेकने के लिए कड़े फैसले ले रहे हैं, तब स्वास्थ्य की देखभाल करने वाला सदर अस्पताल में ऐसी लापरवाही किसने की? बिना मास्क पर एफआईआर दर्ज होती है तो क्या ऐसी लापरवाही जिसने की, जिससे संक्रमण फैल सकता है, उस क्या कार्रवाई होगी?

इधर, सदर अस्पताल में ट्रॉली से ढोई जा रही थी कुर्सी, मरीज पैदल गए अस्पताल

सदर अस्पताल में सुबह 10.30 बजे एक गर्भवती आई। उसे काफी दर्द थी। वह चलने में असमर्थ थी। 15 मिनट तक इंतजार के बाद भी ट्रॉली नहीं मिली। क्योंकि ट्राॅली से कुर्सी ढोयी जा रही थी। अंत में पीड़ित खुद पैदल जाने लगी, तभी महिला को बहुत जोर से लेबर पेन होने लगा और वह हॉस्पिटल के गेट पर ही बैठ गई।



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अस्पताल परिसर में फेंके गए बायोवेस्ट से बोतल चुनते लोग।


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