पत्थलगांव में सरकारी सोसायटी से बेचे गए धान के बीज के खराब निकलने का मामला सामने आया है। किसान ने धान के बीज को खेत में लगाने से पूर्व जरही के लिए पानी डालकर फुलाया। बोरे से निकालने पर धान के बीज फफंूद लगे मिले। उनसे सड़ने की बदबू भी आने लगीे। ऐसे में किसानों ने बीज को खेत में नहीं डाला। पत्थलगांव सहकारी समिति के महुवाटिकरा के किसान सखा राम एव प्रेमनगर के किसान सालिक तिर्की ने बताया कि सोसायटी से डीआरआर 42 नामक धान का संशोधित बीज खरीदा था, जिसे खेत में लगाने से पूर्व उन्होंने जरहां करने के लिए पानी में फुलाकर बोरे में रखा था। जैसे ही बीज को खेत में डालने के लिए बोरे से बाहर निकाला तो उसमें फफूंद लगे नजर आए। मामले में पत्थलगांव आदिम जाति सहकारी समिति के प्रबंधक प्रमोद अम्बस्थ ने धान बीज खराब होने की सम्भावना से इनकार करते हुए बताया की इसी लाट से अन्य किसानों ने भी धान बीज का उठाव किया था पर अभी तक किसी से शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने कहा की संबंधित किसान के घर जाकर धान बीज का निरीक्षण करवाने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। वहीं इस संबंध में पत्थलगांव कृषि विस्तार अधिकारी एमसर विश्वास का कहना है कि यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है, अभी तक किसी भी प्रकार की शिकायत भी नहीं मिली है। शिकायत पर जांच टीम बनाकर खराब हुए धान बीज का जांच कर सम्बन्धित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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