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तीन आरोपी जेल पहुंचे, रेल अफसर व खरीदार रिमांड पर

मनेंद्रगढ़ रेलवे ऑक्शन डिपो में 2 दिन चली कार्रवाई के बाद आरपीएफ ने 22 टन स्क्रैप घोटाले के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें आरपीएफ के सहायक सब इंस्पेक्टर रेलवे के साथ 2 अन्य अधिकारी और खरीदार को रिमांड पर लिया गया है। दो ड्राइवर और धर्म कांटा ऑपरेटर को कोर्ट में पेश किया, यहां से उन्हें जेल भेज दिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर डिवीजन के मनेंद्रगढ़ सेक्शन में स्थित स्क्रैप डिपो से रेलवे ने 36 टन स्क्रैप का ऑक्शन किया था। इसे रायपुर के अभिषेक इंटरप्राइजेज के संचालक प्रवीण कुमार ने खरीदा था।
प्रवीण कुमार जब इस माल को डिपो से उठाने पहुंचे तो उन्होंने बैकुंठपुर में पदस्थ रेलवे के एसएसई छुट्टन लाल मीणा, सीनियर इंस्पेक्टर ऑफिस स्टोर्स अकाउंट बिलासपुर संजय कुमार और आरपीएफ मनेंद्रगढ़ में पदस्थ सहायक सब इंस्पेक्टर चितेश्वर प्रसाद मैत्री से सांठगांठ की और 36 टन स्क्रैप के अलावा 22 टन अतिरिक्त स्क्रैप ट्रक में लोड करा लिया। इस मामले की भनक सीनियर डीएससी ऋषि शुक्ला और आईजी सिन्हा को लग चुकी थी। उन्होंने मौके पर ही क्राइम ब्रांच के साथ पहुंचकर मामले को पकड़ लिया। स्टील स्क्रैप की कीमत 5 लाख 23 हजार रुपए है। आरपीएफ मनेंद्रगढ़ पोस्ट ने मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर रेलवे कोर्ट बिलासपुर में शनिवार को पेश किया।
यहां से उन्होंने रेल अधिकारियों में छुट्टन लाल मीणा, संजय कुमार, आरपीएफ के एएसआई चितेश्वर प्रसाद और खरीदार प्रवीण कुमार को पूछताछ के लिए रिमांड पर मांगा। कोर्ट ने चारों को आरपीएफ पोस्ट मनेंद्रगढ़ को रिमांड पर दे दिया है। इसके अलावा ड्राइवर राजेश कुमार जायसवाल, दीपक कुमार सरई और धर्म कांटा ऑपरेटर फूलचंद को जेल भेज दिया है।



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