कोरोना का असर अब अबूझमाड़ के अंदरुनी इलाकों के गांवों में भी देखने को मिलने लगा है। गांव के लोगों को यह बीमारी नहीं हो इसके लिए ग्रामीणों ने अंदरूनी गांव को जोड़ने वाली सड़क को अलग-अलग तरीकों से बाधित कर रहे हैं।
सड़क को बाधित करने के लिए कई गांव वालों ने लकड़ी व बांस का घेरा बनाकर सड़क को रोक रखा है। वहीं कई जगहों पर पेड़ की शाखाओं को गिराकर आवाजाही बाधित कर रहे हैं। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश न कर सकें। सड़क बाधित किए जाने से कई लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। खासकर अंदरूनी गांव में जाने वाले आपातकालीन सेवाएं जैसे संजीवनी 108, महतारी एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं, जिसकी जरूरत गांव वालों को पड़ती रहती है लेकिन रास्ता बाधित होने के कारण एम्बुलेंस सही समय पर गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन एम्बुलेंस को रोजाना किसी न किसी गांव मे जाना ही पड़ता है लेकिन रास्ता बाधित होने से उन्हें इन दिनों दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महतारी सेवा के नोडल आफिसर भरत सोनकर ने कहा कि अंदरूनी गांवों में जाने के दौरान ईएमटी और पायलट को परेशानी हो रही है। जगह-जगह सड़क पर पेड़ों को काटकर रखने से एंबुलेंस गांव में समय पर नहीं पहुंच पा रही है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आने वाले दिनों में जनप्रतिनिधियों से बात की जाएगी।
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