रेलवे प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम अंतागढ़ विधायक अनूप नाग को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित किसानों को तत्काल नौकरी दिलाने की मांग है। उन्होंने कहा अब नौकरी के लिए आंदोलन नहीं करेेंगे। भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन में सामूहिक आत्महत्या करेंगे।
दल्लीराजहरा रावघाट परियोजना रेल लाइन के लिए 2007 में भूमि अधिग्रहण किया गया। भूमि अधिग्रहण के समय शासन-प्रशासन द्वारा कहा गया कि भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा के साथ भू विस्थापित परिवारों के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी दी जाएगी। भूमि अधिग्रहणके 12 साल बाद भी 200 से अधिक लोगों को अब तक नौकरी नहीं मिल पाई है।
नौकरी को लेकर रेलवे प्रभावित किसानों ने मार्च से 6 अप्रैल 2018 तक रेलवे ट्रैक पर धरना दिया था। रेलवे प्रभावित किसानों की धरना खत्म करने के लिए तात्कालीन कलेक्टर टामन सिंह सोनवानी की अध्यक्षता में शासन-प्रशासन रेलवे प्रभावित किसान एवं रेलवे के आला अधिकारियों के बीच भानुप्रतापपुर में बैठक कर मध्यस्था की थी। समस्त रेलवे प्रभावित किसानों के एक पात्र आवेदकों को छह माह के भीतर नौकरी दी जाएगी। इसमें 70 ऐसे आवेदक हैं, जिन्हें रेलवे द्वारा नौकरी देने के लिए एक वर्ष पहले स्क्रीनिंग कराई गई, लेकिन अब तक जांच ही हो रही है और नौकरी नहीं दी गई। 20 ऐसे आवेदक हैं,जिन्हें अब तक स्क्रीनिंग के लिए नहीं बुलाया गया। 10 ऐसे आवेदक है, जो नाती-पोता की श्रेणी में आने के कारण पात्र परिवर्तन करने की मांग की है।
प्रभावित किसान सुशीला दुग्गा, आशाराम नेताम, संतोष कुमार, मनीष कुमार ने कहा अविलंब रेलवे में नौकरी दिलाई जाए अन्यथा समस्त रेलवे प्रभावित किसान रेलवे ट्रैक पर धरना देने के बजाय रेलवे स्टेशन भानुप्रतापपुर में सामूहिक आत्महत्या करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और रेलवे विभाग की होगी।
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