सोशल मीडिया में चले अभियान के बाद ग्राम बलीगढ़ के नेत्रहीन दुखीराम के जीवन में खुशियों की रोशनी आई। ग्राम पंचायत जबेली के आश्रित ग्राम बलीगढ़ के नेत्रहीन दुखीराम झोपड़ी में अपनी पत्नी तथा दो बच्चों के साथ रहता है।
खासकर बारिश के दौरान उक्त परिवार को बहुत कठिनाई होती थी। उसकी समस्या को देख राजेश हालदार ने सोशल मीडिया में फोटो और मार्मिक अपील के साथ पोस्ट डाली। इसके बाद लोग मदद के लिए आगे आते गए तथा एक वर्ष बाद जनसहयोग से गरीब का आशियाना बन गया। अब परिवार को इस बारिश में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। राजेश हालदार ने बताया कि पिता नेत्रहीन होने के कारण मां जो कमाती उससे ही परिवार चल रहा था। शासन से घर नहीं मिल पाया। समस्या देख अभियान चलाया और लोगों की मदद से इस बारिश के पहले घर बन कर तैयार हो गया है। इस कार्य में एक वर्ष जरूर लगा लेकिन गरीब परिवार को मदद मिल गई।
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