तिलक नगर रोड का एक हिस्सा रविवार को धंस गया। डेढ़ महीने में ऐसा तीसरी बार हुआ। सीवेज प्रोजेक्ट के अंतर्गत 12 वर्षों में शहर में 220 किलोमीटर सड़कें खोद कर पाइप लाइन बिछाई गई है। काम सिंप्लेक्स ने किया है, इसलिए 3 साल तक उसकी जिम्मेदारी है कि वह उसकी रिपेयरिंग करे। इसके लिए निगम ने 35 लाख का टेंडर भी किया है।
बड़ा सवाल यह है कि सड़कें बार बार क्यों बैठ रही हैं? आरोप है कि ठेकेदार ने सही कांपेक्शन नहीं किया, इसलिए धीरे धीरे सड़क सेटल हो रही है। ईई पीके पंचायती ने वर्षों की प्राकृतिक रूप से सेटल सड़क को 7 मीटर खोद कर प्राकृतिक रूप से कांपेक्शन करने में दिक्कत आती है।
सही कांपेक्शन नहीं हुआ : रिटायर्ड सीई एसके जैन के मुताबिक खुदाई वाली जगह पर रेत भरने के बाद 6-6 इंच के लेयर में कांपेक्शन होना चाहिए। इसके बाद निर्धारित गुणवत्ता के मटेरियल डाली जाए। रेत की जगह मिट्टी भरने या सही कांपेक्शन नहीं करने के कारण रोड धंस सकती है।
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