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बिना कमीशन जरूरतमंदों के घर तक पैसे पहुंचा रही कोमिन

बुजुर्गों और शारीरिक रुप से कमजोर लोगों को बैंकों का चक्कर न लगाना पड़े इसके लिए पहल की गई है। हमर बैंक-हमर द्वार से जुड़ डिजी पे बैंक सखी बनकर ग्राम जगन्नाथपुर की कोमिन साहू (35) जनसेवा कर रही है, वह भी घर पहुंचकर। जो काम दूसरे लोग अपने सेंटर पंचायत क्षेत्र में बैठकर कर रहे हैं, वह काम कोमिन सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि आसपास के 5 गांवों में पहुंचकर जरूरतमंदों की मदद कर रही है। बिना कमीशन जरूरतमंदों की तत्काल मदद कर रहे हैं। पिछले 6 माह (जनवरी से जून तक) में 25 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन कर चुकी है। राशि ट्रांजेक्शन कार्य के एवज में एक ओर जहां दूसरे दुकानदार कमीशन के रुप में 10 रुपए तक ले रहे है, यह सेवा लोगों को निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।
पेंशन अाैर मजदूरी भुगतान के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों काे अब बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे है क्योंकि बैंक सखी के माध्यम से उन्हें गांव में ही इसकी सुविधा मिल रही है। इसके लिए निर्धारित तिथि व समय तय की जाती है। लेकिन कोमिन किसी भी समय जरूरतमंदों की मदद करने सामने आ रही है। इन्हें बुजुर्ग, दिव्यांग और अक्षम लोगों के घर पहुंच कर पेंशन की राशि देने की जिम्मेदारी दी गई है। गौरतलब है कि गांव-गांव तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूह की महिलाओं को बैंक सखी नियुक्त की है। बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों में बैंक सखी को जिम्मेदारी दी गई है। जहां पर बैंक संबंधी लेन-देन के साथ माइक्रो एटीएम के जरिए हितग्राही का आधार कार्ड और खाता नंबर दर्ज कर पूरी पारदर्शिता के साथ बैंकिंग सुविधाएं दी जा रही है। आधार कार्ड बैंक खाता से लिंक होना जरूरी है।

बुजुर्गों का आशीर्वाद मिल रहा है, यही काफी है

कोमिन कहती है कि कमीशन में जितना रुपए बनता है, उससे ज्यादा खर्च स्कूटी में पेट्रोल भरवाने में हो रहा है, क्योंकि आसपास के 5 गांवों में पहुंचकर लोगों को उनके खाते का पैसा बांट रही हूं। बावजूद मैं यह कार्य कर रही हूं ताकि लोगों को बैंक तक न जाना पड़े। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिल रहा है, यही मेरे लिए वेतन है, जो काफी है। रेवती नवागांव में 2, कोहंगाटोला, घुमका में 5, धौराभाठा में 2, जगन्नाथपुर में 6, डेंगरापार में 2 लोग जो बैंक नहीं जा पा रहे थे, उनके घर पहुंचकर राशि उपलब्ध कराई। पेंशन राशि, जनधन, मनरेगा, छात्रवृत्ति राशि भी उपलब्ध करा रही है।

जिस पंचायत में जरूरत वहां तक पहुंच जाती है महिला

सीएससी जिला प्रमुख शिशिर देशमुख ने बताया कि कोमिन साहू पिछले 6 माह से घर पहुंच सेवा दे रही है। वे सिर्फ अपने पंचायत तक ही सीमित नहीं है, जिस पंचायत में जरूरत पड़ती है, वहां पहुंचकर सहायता करती है। मोबाइल से लॉग इन कर सर्विस दे रही है, बाकी लोग अपने सेंटर पंचायत क्षेत्र तक ही सीमित है।



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