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कड़ेनार में बोड़ा खाने से मां-बेटी की मौत

जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित गांव कड़ेनार में बोड़ा खाने से एक ही परिवार के 7 लोग बीमार हो गए। इनमें से मां-बेटी की मौत हो गई जबकि अन्य सदस्यों को नारायणपुर भेजा गया है। सीएमएचओ डॉ. कुंवर के मुताबिक हॉस्पिटल में भर्ती सभी लोगों की हालत सुधर रही है।
मर्दापाल थाने के कड़ेनार में एक परिवार के 7 लोगों ने जंगल से मिलने वाले बोड़ा की सब्जी बनाकर खाई थी। जिससे सभी 7 सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। सूचना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने जिला मुख्यालय को दी। जिसके बाद सीएमएचओ टीआर कुंवर खुद स्वास्थ्य अमले को लेकर कड़ेनार रवाना हुए। बारिश में नदी-नाले के उफान पर होने से और कीचड़ से करीब 4 घंटे बाद कड़ेनार पहुंचे। तब तक 50 वर्षीय मनदई की मौत हो चुकी थी। अन्य सभी बीमार को नारायणपुर ले जाया जा रहा था इस दौरान मनदई की 15 वर्षीय बेटी सहदेई ने भी दम तोड़ दिया। अन्य बीमारों में रसायनबाई, सीताबती, अनित, सनित, और लच्छनदई शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।

मीटिंग में गए थे गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ता
इस गांव में नर्स साक्षी मिंज और पुरुष कार्यकर्ता दिनेश डेहरिया पदस्थ हैं। इस इलाके के ग्रामीणों को इन्हीं पर इलाज के लिए आश्रित रहना होता है। नर्स व कार्यकर्ता प्रति शनिवार साप्ताहिक रिपोर्ट सौंपने मर्दापाल जाते हैं। रविवार को अवकाश होने से वे गांव में नहीं थे। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने कहा बोड़ा खाने से फूड प्वाइजनिंग हुई और समय पर सूचना नहीं मिलने से मौतें हुई है। गांव में हालात सही है।



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