2016-17 तक भांसी क्षेत्र में नक्सलियों का उत्पात सबसे ज़्यादा था। इस गांव का मासापारा ऐसा इलाका है जहां नक्सली हरदम उत्पात मचाते थे। 6 साल पहले इसी पारा की प्राथमिक शाला स्कूल को नक्सलियों ने तोड़ दिया था। जिन 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया, उनमें दो नक्सली संतु कुंजाम और शंकर स्कूल भवन तोड़ने में शामिल थे। सरेंडर करते ही कलेक्टर, एसपी से कहा कि सर हमने दबाव में स्कूल भवन को तोड़ा था। नहीं तोड़ने पर पिटाई होती थी। हमने स्कूल तोड़ा, हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए अब पढ़ाई की चिंता है। उनका भविष्य बन सके, इसलिए इस स्कूल को वापस बनवा दीजिये साहब। हम नक्सल संगठन में अब नहीं जाएंगे।
इस पर कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि दो दिन के अंदर इस स्कूल भवन की मरम्मत की स्वीकृति मिल जाएगी, लेकिन शर्त ये है कि इसका काम आपको करना होगा और नक्सलियों से सुरक्षा भी आप लोग ही करेंगे। इस बात पर सरेंडर नक्सली काफी खुश हुए और कहा कि हम स्कूल बनवाएंगे। इस स्कूल की जर्जर दीवार के ढह जाने से हालही में एक युवक दब गया था। इसके बाद ग्रामीणों में भी नक्सलियों के खिलाफ काफी आक्रोश देखने को मिला था।
दबाव व पिटाई के भय से आंधप्रदेश चले गए थे
सरेंडर नक्सलियों ने बताया कि एक समय नक्सलियों का काफी आतंक था। हूंगा यहां का खूंखार नक्सली था। नक्सली जबरन हिंसात्मक काम करवाते थे। कभी स्कूल तोड़वाए तो कभी रेल की पटरियां उखड़वाई तो कभी आगजनी के लिए मजबूर किया। नहीं जाने पर घर आकर पिटाई करते और दबाव बनाते थे। इसी के भय से कई लोग आंधप्रदेश जाकर बोरवेल गाड़ी में काम करने लगे। हूंगा की गिरफ्तारी के बाद अब सभी को थोड़ी राहत मिली है।भांसी, झिरका,बासनपुर इस इलाके के अनिल सहित 10 खूंखार इनामी नक्सलियों की सूची भी पुलिस ने सार्वजनिक की है।
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