जिले में शुक्रवार रात कोरोना के 8 नए मरीज पाए गए जो सभी बीसएसएफ जवान हैं। जिले में अब तक सामने आए कोरोना पॉजिटिव में लगभग आधे कोरोना मरीज बीएसएफ जवान हैं। बीएसएफ कैंपों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने के साथ क्वारेंटाइन के नियमों का पालन नहीं होना जवानों को भारी पड़ रहा है। दुश्मनों से हमेशा सचेत व सतर्क रहने वाले बीएसएफ जवानों में तेजी से फैलता कोरोना संक्रमण अब अफसरों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। जिले में अब तक कुल 67 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए इनमें 31 बीएसएफ के जवान हैं। जवानों में संक्रमण की दर आम नागरिकों की तुलना में करीब छह गुना अधिक है।
जवानों की अब तक आई रिपोर्ट अंतिम नहीं है। जिले में अब भी 111 बीएसएफ जवानों की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिले में आम नागरिकों की अपेक्षा बीएसएफ जवानों में तेजी से कोरोना फैल रहा है। 23 जून से आ रही रिपोर्ट को देखें तो लगातार बीएसएफ जवान संक्रमित पाए जा रहे हैं। जिले में 4 जुलाई तक कुल 4665 संदिग्धों का सैंपल लिया गया है जिसमें 4092 आम नागरिक तथा 573 बीएसएफ के जवान शामिल हैं।
दोनों में अपेक्षाकृत रिपोर्ट का मुआयना करें तों आम लोगों में अब तक मात्र 36 ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं यानी औसतन 115 सैंपल में एक आम नागरिक कोरोना पॉजिटिव निकल रहा है। जिले में अब तक 31 बीएसएफ जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। प्रत्येक 18 सैंपल मेें एक बीएसएफ जवान संक्रमित निकल रहा है। जवानों मेें बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भास्कर ने जांच पड़ताल की तो खुलासा हुआ छुट्टी से आने वाले जवानों को क्वारेंटाइन सेंटर में तो रखा जा रहा है लेकिन सेंटर में जवानों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अंतागढ़ क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए जवान लगातार प्रभावित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां के जवान सेंटर में फिजिकल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे हैं। कई बार साथ में भोजन करते दिखे। कुछ जवान सेंटर से बाहर भी देखे गए। जवानों के एक साथ रहने घूमने व लापरवाही बरतने के कारण ही इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
नए बैच को भी नहीं रखा जा रहा अलग
कोरोना पॉजिटिव पाए गए जवानों में एक को छोड़, सभी जवान छुट्टी से लौटे हैं। बाहर से आने के कारण इन जवानों को एहतियात के तौर पर क्वारेंटाइन सेंटर मेें रखा जा रहा है। जवानों के लौटने का सिलसिला जारी है। जिस क्वारेंटाइन सेंटर में पूर्व में जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं उसी जगह पर नए बैच को भी रख दिया गया है। मरीजों के जाने के बाद बचे संक्रमित जवान के संपर्क में आने से नए बैच के जवान भी संक्रमित होते जा रहे हैं। छुट्टी से लौटे नए बैच को अलग नहीं रखने से स्पष्ट है कि जवान बाहर से संक्रमित होकर आए हैं या फिर क्वारेंटाइन सेंटर में रहने के दौरान संक्रमित हुए हैं।
सावधानी बरतने के बाद भी डॉक्टर संक्रमित फिर भी नहीं ले रहे सबक
अंतागढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल क्वारेंटाइन सेंटर में छुट्टी से लौटे जवानों का सैंपल लेने गए चिरायु अंतागढ़ का डॉक्टर भी पूर्व में संक्रमित हो चुका है। डॉक्टर ने इस दौरान पूरी सावधानी बरती थी। पीपीई किट पहनने के साथ स्वयं को सैनिटाइज भी किया। इतनी भारी सुरक्षा के बाद भी डॉक्टर से चूक हो गई और वह कोरोना पॉजिटिव हो गए। इसी तरह बीएसएफ का हॉस्पिटल इंचार्ज जवान भी सुरक्षा बरतने के बाद भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बावजूद क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे जवान सबक नहीं ले रहे हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3gjYEf8
via
Comments
Post a Comment