जिले के कुदरगढ़ स्थित पहाड़ी में बादल फटने के कारण बाढ़ आ गई। इससे कुदरगढ़ी धाम में जाने के लिए बनी सीढ़ियों के साथ बड़े-बड़े पत्थर बहकर आने लगे। सीढ़ी के दोनों तरफ बनी लोहे का रैलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई और लोहे का गेट और बाउंड्रीवाल गिर गई है।
लोगों का कहना था कि पहली बार ऐसा हुआ है। सीढ़ियों में बाढ़ का पानी घंटों बहता रहा। बताया जा रहा कि मंगलवार सुबह से लगातार बारिश हो रही थी। जिसमें पहाड़ी के ऊपर धाम में पूजा करने गए पुजारी भी बाढ़ की वजह से फंस गए। बारिश के कारण देवी धाम में भूस्खलन जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि भारी बारिश से सूरज कुंड के पास से पानी नाग डबरा की ओर जाने की बजाए सीधे सीढ़ी के रास्ते नीचे आने लगा। ढलान अधिक होने के कारण पानी का बहाव तेज हो गया। इससे साइड में बनी दिवार, रैलिंग और प्रवेश द्वार तेज धार से क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ पत्थर भी पानी के बहाव में नीचे आ गए, जिससे बारिश रुकने के बाद कुदरगढ़ देवीधाम के मुख्य द्वार के पास मलबों का ढ़ेर लग गया। जगह-जगह रैलिंग टूटने के कारण फिलहाल कुदरगढ़ देवीधाम मार्ग आने जाने लायक नहीं रहा है। कुदरगढ़ ट्रस्ट नुकसान का आंकलन कर रहा है। कुदरगढ़ समिति के सदस्य बलराम सोनी ने बताया कि पिछले साल इसी जगह पर भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई पेड़ गिरे थे।
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