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भानुप्रतापपुर लॉक लेकिन जहां मिल रहे कोरोना मरीज वह अस्पताल ही अनलॉक

जिले में कोरोना से बचने समझाइश देने वाला स्वास्थ्य विभाग ही लापरवाही बरत रहा है। नतीजा शुक्रवार को भानुप्रतापपुर अस्पताल का एक और डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाया गया। लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण भी भानुप्रतापपुर अस्पताल ही है जहां अब तक 7 स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इसके बाद भी विभाग गंभीर नहीं है। अस्पताल में लगातार मरीज मिलने के बावजूद न तो उसे सील किया गया और न ही नियमित सैनिटाइज किया जा रहा है। जबकि कोरोना चेन को तोड़ने के लिए जन प्रतिनिधियों और व्यापारियों ने नगर को 72 घंटे के लिए लॉक किया है।
भानुप्रतापपुर सिविल अस्पताल स्टाफ के लगातार कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से वहां के स्टाफ की जांच कराई गई। 31 जुलाई को अस्पताल पहुंचे एक डॉक्टर को सर्दी खांसी की शिकायत थी। अस्पताल में एंटीजेन टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। भानुप्रतापपुर अस्पताल में कोरोना मरीज मिलने के बाद वहां के स्टाफ का 27 जुलाई को सैंपल लिया गया था। उस दिन कोरोना पॉजिटिव पाए गए डॉक्टर का भी सैंपल लिया गया था तब रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लक्षण दिखने पर शुक्रवार को दोबारा टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद डॉक्टर को इलाज के लिए कांकेर कोविड अस्पताल भेजा गया। डॉक्टर के निवास वार्ड नंबर 6 की गली को सील व निवास के आसपास के क्षेत्र को सील किया गया।

व्यापारियों ने किया था 72 घंटे का लॉकडाउन
मेडिकल स्टॉफ पॉजिटिव निकलने पर यहां के जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने बैठक कर नगर में कोरोना चेन तोड़ने पूरे नगर को 72 घंटे के लिए लॉकडाउन किया लेकिन जिस अस्पताल से मरीज निकले वह अनलॉक है। स्टाफ भी आइसोलेट नहीं किए गए हैं जिससे संक्रमण फैलने की आशंका है।

कांकेर में एक डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार
गुरूवार को अंतागढ़ में पाए गए तीन कोरोना संक्रमित के कांटेक्ट में कांकेर के एक डॉक्टर भी आए थे। कांटेक्ट ट्रेसिंग के बाद डॉक्टर का नाम सामने आने पर जानकारी सीएमएचओ कार्यालय देकर सैंपल लिया गया, रिर्पोट का इंतजार है।

अस्पताल खुला लेकिन नहीं ले रहे मरीज
बीएमओ डॉ एचएल ठाकुर ने कहा कि अस्पताल खुला है लेकिन मरीज नहीं ले रहे हैं। मरीजों को भानबेड़ा, कोरर और ज्यादा गंभीर स्थिति होने पर कांकेर भेज रहे हैं। अस्पताल को रोज सैनिटाइज किया जा रहा है। एक दो कर्मचारी कोरोना टेस्ट के लिए बच गए हैं जिनकी जांच कराई जाएगी।

ऐसे बरत रहा भानुप्रतापपुर अस्पताल प्रशासन लगातार लापरवाही
भानुप्रतापपुर में 26 जुलाई को अस्पताल के पांच स्टाफ पॉजिटिव पाए जाने के बाद तत्काल अस्पताल को सील करने के बजाय खुला छोड़ दिया गया। मरीज व अन्य लोग अस्पताल आते जाते रहे। 27 जुलाई को अस्पताल सील करने कार्रवाई की खानापूर्ति करते मेन गेट पर ताला लगाया गया लेकिन स्टाफ पिछले दरवाजे से अस्पताल आता जाता रहा। 27 जुलाई को एक बार फिर एक डॉक्टर के पॉजिटिव मिला। फिर भी अस्पताल को 28 जुलाई से खोल दिया। स्टाफ को आइसोलेट नहीं किया। स्टाफ अस्पताल आता रहा और डॉक्टर घर से निजी प्रेक्टिस करते रहे।

अब तक 6 डॉक्टर व 6 मेडिकल स्टाफ हो चुके संक्रमित
शुक्रवार को भानुप्रतापपुर में मिले कोरोना संक्रमित डाक्टर के साथ अब तक जिले में कुल 6 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। कांकेर अस्पताल से एक, भानुप्रतापपुर अस्पताल के दो, दमकसा में एक व चिरायु में पदस्थ 1 डाक्टर के अलावा मुल्ला बीएसएफ कैंप का एक एमबीबीएस डाक्टर शामिल है। इनमें से दो का इलाज कोविड अस्पताल में चल रहा है। 6 मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हुआ जिसमें कांकेर सीएचएमओ कार्यालय का एक ऑपरेटर, भानुप्रतापपुर अस्पताल के 5 मेडिकल स्टाफ शामिल हैं।



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Bhanupratappur lock but unlocked hospital where corona patients are found


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