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पहली बार नीलावाया के लोगों ने नक्सली स्मारक तोड़ा

पांच दिन बाद 28 जुलाई से नक्सलियों का शहीदी सप्ताह शुरू हो रहा है। इसके पहले दंतेवाड़ा के अलग- अलग गांवों में नक्सली मारे गए अपने साथियों की याद में स्मारक बनवा रहे हैं। अब तक इन स्मारकों को पुलिस ध्वस्त करती आई है। लेकिन नक्सलियों के ही गढ़ वाले गांव नीलावाया के ग्रामीण नक्सल स्मारक को तोड़ने एकजुट हुए। नक्सली इस गांव में कमांडर गुंडाधुर का स्मारक बनवाने ग्रामीणों से 200-200 रुपये चंदा लिया व ग्रामीणों को ही बनाने का ज़िम्मा दिया। दबाव में ग्रामीणों ने बनाना तो शुरू किया, लेकिन गांव के पटेलपारा में बन रहे स्मारक के बारे में पहले खुद सूचना दी और फिर बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने ही स्मारक ध्वस्त कर दिया। जबकि पहलेनक्सलियो के भय से ग्रामीण नक्सल स्मारक बनाने की सूचना तक पुलिस से साझा नहीं करते थे, इन्हें तोड़ना तो दूर की बात थी।ग्रामीणों ने पुलिस को बताया इसे बनाने 20 दिन लग जाते हैं। गांव में अब ये बनने नहीं देंगे। दो दिन पहले हिरोली में नक्सली गुड्डी के स्मारक बनाए जाने की सूचना पहली बार ग्रामीणों ने खुद दी थी और डीआरजी के जवानों ने मिलकर तोड़ा था। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि यह बड़ा बदलाव है।

अब स्मारक बनते ही पुलिस को मिल रही सूचना
दंतेवाड़ा पुलिस ने अंदरूनी गांवों में अपने मुखबिर इतने मजबूत कर लिए हैं कि अब नक्सलियों के स्मारक बनते ही पुलिस को तुरंत सूचना मिल रही है। जबकि इसके पहले सालों तक गांवों में स्मारक बने ही रहते थे। दरअसल नक्सली अपने मारे जाने वाले साथियों की याद में अंदरूनी गांवों में शहीदी स्मारक बनाते हैं। शहीद दिवस के दिन कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। पुलिस इसे तोड़ न दे इसके लिए नुकसान पहुंचाने आईईडी भी दबाकर रखते थे।



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For the first time the people of Nilavaya broke the Naxalite memorial


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