जिले के लोदाम चौकी क्षेत्र में दो अलग अलग सड़क दुर्घटना में तीन लोगों को मौत हो गई। दो बाइक सवार खड़े ट्रक से जाकर टकरा गए,वहीं मदरसे का मौलवी ट्रक की चपेट में आ गया। दोनों मामलों में पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए ट्रक को कब्जे में ले लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार घाघरा कलारु निवासी सुबोध लोदाम निवासी अर्पित के घर में मेहमानी करने के लिए आया हुआ था। सुबोध के लोदाम पहुंचने के बाद अर्पित और सुबोध एक बाइक पर सवार होकर घूम रहे थे, वहीं शाम होने के बाद रात 7 बजे अर्पित सुबोध को उसके घर कलारु छोड़ने के लिए बाइक पर जा रहा था। उसी दौरान एनएच 43 लोदाम में स्थित गोपाल ढाबा के पास खड़े एक ट्रक से जाकर टकरा गए। ट्रक से टकराने के बाद बाइक सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर लोदाम चौकी प्रभारी को तत्काल मौके पर पहुंचकरर दोनों युवकों के शव को पोस्टमार्टम में लिए लोदाम अस्पताल भेज दिया एवं जिस ट्रक से दोनों बाइक सवार टकराए थे, उस ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया।
दूसरी घटना शनिवार की सुबह साढ़े 6 बजे लोदाम चौकी क्षेत्र के साईटांगरटोली की है। मदरसे का मौलवी समसुद्दीन पिता अल्लाउदीन (54) सुबह साईटांगरटोली मोहल्ले से बाइक लेकर एनएच की ओर जा रहा था। जैसे ही मौलवी एनएच पर पहुंचा वैसे ही गुमला से जशपुर की ओर आ रही एक ट्रक की चपेट में आ गया। ट्रक की चपेट में आने के बाद मौलवी गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए लोदाम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लोदाम से जशपुर लेकर आते समय रास्ते में मौलवी की मौत हो गई। बताया जाता है कि मौलवी मूलत: झारखंड के गढ़वा जिले का रहने वाला है और साईटांगर टोली में रहकर मदरसे में शिक्षक के रुप में पदस्थ था।
हेलमेट पहनते तो बच जाती जान
लोदाम चौकी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के शिकार हुए तीनों लोग यदि हेलमेट का उपयोग करते तो शायद तीनों की जान बच सकती थी। लोदाम चौकी प्रभारी भास्कर शर्मा ने बताया कि शुक्रवार की शाम 7 बजे हुए सड़क हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था और दोनों युवकों को सिर में ही गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण मौके पर ही दोनों युवकों को मौत हो गई थी। शनिवार की सुबह साईटांगरटोली में हुए मौलवी की दुर्घटना में मौलवी ने भी हेलमेट नहीं पहना था और उसे भी सिर में ही गंभीर चोट आई थी,जिसके कारण मौलवी की भी मौत हो गई थी। सड़क हादसे के शिकार हुए तीनों लोग यदि यातायात नियमों का पालन करते हुए हेलमेट का उपयोग करते तो शायद तीनों की जान बचाई जा सकती थी।
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