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किसानों को नहीं लगाने होंगे बैंक के चक्कर बिना अतिरिक्त शुल्क सीएससी में कराएं बीमा

पीएम फसल बीमा योजना के तहत अभी तक अधिकतर बैंक ही किसानों का बीमा कराते थे। कुछ किसान ही इस योजना का लाभ लेने के लिए कामन सर्विस सेंटर का उपयोग करते थे । लेकिन अब गांव-गांव में खुली सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में भी किसानों को इस योजना का लाभ देने की सुविधा दी गई है। किसान यहां पर योजना के तहत पंजीयन करा सकेंगे। भारत सरकार से अधिकार मिलने के बाद बैंक से ऋण न लेने वाले किसानों को बड़ी सुविधा मिली है, जो बैंकों में चक्कर लगाने के कारण फसल बीमा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। बीमा के लिए फसल के प्रकार के आधार पर अलग-अलग प्रीमियम राशि किसानों को देनी होगी। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जायेगा। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) केंद्र से बीमा की सुविधा मिलने से बस्तर जिले में इस बार फसल बीमा योजना से जुड़ने वाले किसानों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
फसल बीमा का लाभ लें इसके लिए जिले 115 सीएससी का संचालन किया जा चुका है। जिले के 1 लाख 4 हजार किसानों में अब तक मात्र 54 हजार किसानों का ही किसान क्रेडिट कार्ड बन पाया है। इनमें से करीब 35 हजार किसानों को ही फसल बीमा से जोड़ा जा सका है। करीब 50 हजार किसान जो बैंक से ऋण नहीं लेते उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि फसल खराब होने या दैवीय आपदा के चलते इन किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

15 जुलाई तक फसल बीमा कराने का मौका
चिप्स के ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि गांव स्तर पर खुले केंद्र में उनका बीएलई केंद्र संचालित करता है। बीएलई जैसे ही फसल बीमा का पोर्टल खोलकर सीधे वह बीमा कंपनी से जुड़ जाएगा। निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने और जरूरी दस्तावेज उसी आवेदन के साथ संलग्न करने के बाद किसान का बीमा हो जाएगा। इसकी आवेदक को रसीद भी दी जाएगी। अगर किसान अपना फसलीय प्रीमियम बैंक में जाकर जमा नहीं कर सकता तो वह बीएलई के पास पहुंचकर इसे ऑनलाइन भी जमा करा सकता है। इसके लिए किसानों को 15 जुलाई तक का मौका दिया गया है।



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