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डीआरजी जवान के पिता को उठा ले गए नक्सली, शाम को छोड़ा

डीआरजी में शामिल हो रहे अंदरूनी गांवों के युवाओं के परिजन को नक्सलियोंं द्वारा परेशान कर उनकी हत्या करने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। सोमवार की रात गुमियापाल के 65 वर्षीय बुजुर्ग ग्रामीण लच्छू तेलाम का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया। लच्छू का बेटा अजय तेलाम डीआरजी में आरक्षक है। नक्सलियों ने मंगलवार शाम को उसे छोड़ दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार रात 10:30 बजे कुछ हथियारबंद नक्सली गुमियापाल में डीआरजी जवान के घर पहुंचे और वहां आरक्षक के पिता लच्छू को उठाकर साथ ले जाने लगे। जिसका आरक्षक की मां व बहन ने जमकर विरोध किया। उसे छोड़ देने की गुहार लगाते हुए दोनों नक्सलियों के पीछे भी दौड़ीं, लेकिन नक्सलियों ने उनकी एक न सुनीं। नक्सलियों ने मां-बेटी से मारपीट भी की। इस दाैरान बेटी का माेबाइल भी छीनकर ले गए। इसके बाद मंगलवार शाम को आरक्षक के पिता को नक्सलियों ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।

ये 5 लाख के इनामी कमलेश की करतूत: पुलिस
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने इस क्षेत्र में ग्रामीणों के अपहरण व हत्या का मास्टरमाइंड 5 लाख के इनामी नक्सली कमलेश को बताया है। दरअसल सालभर पहले इस गांव का रहने वाला अजय तेलाम डीआरजी टीम में शामिल होकर बतौर आरक्षक के पद पर काम कर रहा है। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि अंदरूनी इलाके के युवा लगातार पुलिस से जुड़ रहे हैं। ‘लोन वर्राटू’ अभियान के शुरू होने के बाद नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। इससे नक्सली संगठन घबरा गया है। जवानों के परिवारों को टारगेट कर निर्दोषों को नक्सली परेशान कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि गुमियापाल इलाके में अपहरण व हत्या की घटनाओं के पीछे 5 लाख के इनामी नक्सली कमलेश का हाथ है।
हफ्तेभर पहले 1 जवान के जीजा को मार दिया था
हफ्तेभर पहले 1 जुलाई को नक्सलियों ने गुमियापाल के पड़ोसी गांव मड़कामीरास के डीआरजी जवान जोगा के जीजा मिट्ठू की हत्या कर दहशत फैलाई थी। दरअसल इस इलाके में 2019 में हुए एनकाउंटर में इनामी नक्सलियों के मारे जाने से नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके अलावा 3 महीने में 3 डीआरजी जवानों के पिता व भाई की नक्सलियों ने हत्या की है।
11 महीने पहले 6 ग्रामीणों को किया था अगवा
11 अगस्त 2019 को नक्सलियों ने गुमियापाल गांव के ही 6 ग्रामीणों को अगवा कर लिया था। इसके पहले इसी क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में नक्सली लीडर विनोद की बेटी, जगदीश की पत्नी मंगली व एक अन्य नक्सली मारा गया था। अगवा ग्रामीणों पर पुलिस मुखबिरी का शक जताया गया था। 9 दिन बाद रिहा कर दिया था।
गांव में चस्पा की गई31 नक्सलियों की सूची
कांस्टेबल के पिता को अगवा करने वाले गुमियापाल गांव के ही 31 नक्सलियों की सूची जारी की गई है। इनमें 1-1 लाख के 6 इनामी हैं। एसपी ने बताया कि इन सभी की सूची गांव में चस्पा कर दी है। हांलाकि नक्सलियों ने मंगलवार को देर शाम आरक्षक के पिता को रिहा कर दिया है। इन पर कार्रवाई की जाएगी।



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