शहर के स्टील कारोबारी और चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक राठी के भतीजे आनंद राठी (36 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार के तड़के हुई।
मौके से पुलिस को अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने खुदकुशी के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच पर लिया है। टीआई राजेश बांगडे ने बताया कि राठी परिवार का गंजपारा में माहेश्वरी स्टील ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार है, जिससे आनंद जुड़ा हुआ था। परिवार में पत्नी समेत दो छोटी बेटियां हैं। मंगलवार की रात वह देर से घर लौटा। इसके बाद पत्नी और बच्चों से अलग दूसरे कमरे में सोने चला गया। लेकिन इससे पहले उनके कमरे को बाहर से लॉक कर दिया। इस बीच पत्नी के जागने पर दरवाजा बाहर से बंद मिला। चचेरे भाई को बुलाकर डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खुलवाया। इसके बाद पति को तलाश हुए दूसरे कमरे में पहुंची, जहां आनंद की लाश फंदे से लटकी हुई मिली। इस पर करीब 3.30 बजे पुलिस को सूचना दी गई।
सुसाइड नोट में मां की याद और परिवार से स्नेह का जिक्र
मृतक कारोबारी के घर से अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा कि मां की बहुत याद आ रही है। मैं अपने बच्चों और परिवार से बहुत प्यार करता हूं। मेरे इस कदम के लिए मैं ही जिम्मेदार हूं। इसके कोई भी दोषी नहीं है।
रात में घर के सामने हुआ किसी युवती से विवाद
पुलिस ने बताया कि मंगलवार की रात आनंद का घटना से दो घंटे पहले एक युवती से विवाद हुआ। मौके पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने मामला शांत कराया। इसके बाद उसके द्वारा सुसाइड करने की पुलिस के पास सूचना पहुंची। बहरहाल पुलिस उक्त युवती के बारे में भी पतासाजी कर रही है। नाम का खुलासा नहीं हो पाया है।
24 साल पहले पिता ने भी की थी खुदकुशी
मृतक के करीबियों ने बताया कि आनंद के पिता घनश्याम दास राठी ने भी साल 1996 में ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। इसके अलावा करीब डेढ़ साल पहले आनंद की मां का निधन हो गया था, जिससे वह काफी आहत था। मृतक ने सुसाइड नोट में पत्नी व बच्चों से काफी प्रेम करने का जिक्र भी किया है।
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