छत्तीसगढ़ कांग्रेस में होने वाली निगम-मंडल तथा संसदीय सचिवों की नियुक्तियों का दौर अंतिम चरण में है। पार्टी आलाकमान ने पीसीसी चीफ मोहन मरकाम को दिल्ली तलब किया है। निगम-मंडलों की सूची में कई ऐसे नाम औैर चेहरे भी हैं जो सत्ता औैर संगठन दोनों ही जगह हैं इसे लेकर पार्टी आलाकमान मरकाम से जानकारी लेगा।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बने 18 माह पूरे हो चुके हैं। लेकिन अभी तक एक-दो को छोड़ निगम-मंडल में नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ रही नाराजगी को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द ही इनमें नियुक्ति करना चाह रही है। यही वजह कि छत्तीसगढ़ में संगठन औैर सरकार के बड़े नेताओं के बीच तीन दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इन दोनों ही महत्वपूर्ण विभागों में होने वाली नियुक्तियों को लेकर नाम भी तय किए जा चुके हैं। संगठन से जुड़े नेताओं का कहना है कि प्रदेश में होने वाली सभी राजनीतिक नियुक्तियों पर पार्टी आलाकमान की हरी झंडी मिलना जरूरी है। पीसीसी द्वारा नामों की सूची दिल्ली भेजी जा चुकी थी। वहां से सूची अप्रूव हाेने की खबरें भी आ रही थीं लेकिन पीसीसी चीफ को अचानक दिल्ली तलब किए जाने के बाद चर्चा तेज हो गई है। ऐसे लोगों को कम महत्व दिया जाएगा, जो 15 साल सत्ता के संघर्ष से बाहर रहे हैं। कर्मठ और पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को ही महत्व मिलेगा। इधर, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के साथ निगम-मंडल के लिए हुई पहली बैठक में स्पीकर महंत को नहीं बुलाया गया था। इसे लेकर महंत के पीसीसी चीफ से नाराज होने की खबरें भी चल रही हैं। बताया गया है कि उनकी नाराजगी दिल्ली तक पहुंची। जिसके बाद उन्हें एआईसीसी बुलाया गया।
कांग्रेस संगठन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि कांग्रेस के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। तलवारें खिंची हुई हैं। मरकाम के दिल्ली दौरे को निगम-मंडल से जोड़ा जा रहा, जबकि वास्तविकता यह है कि जांजगीर जिलाध्यक्ष की नियुक्ति पर विधानसभा स्पीकर और कोरबा सांसद मरकाम से नाराज हैं। महंत लगातार नई नियुक्ति करने कह रहे हैं। मरकाम इसे मानने तैयार नहीं थे। खबर यह भी है कि महंत ने जिलाध्यक्ष को हटाकर दम लेने का दावा किया है।
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