नगर पालिका के सफाई कर्मचारी कोरोना संक्रमण के दौरान भी शहर में सफाई काम में लगे हुए हैं। वार्डों में घूम-घूम कर साफ-सफाई करने वाले इन कर्मियों को न तो मास्क दिया गया है और न ही हाथों में पहनने दस्ताने दिए गए हैं। हाथों की बार-बार सफाई के लिए इन्हें सैनिटाइजर आदि भी नहीं दिया गया है। इसके चलते इन कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण का खतरा है।
कांकेर नगर पालिका में क्लीन सिटी योजना के तहत वर्ष 2017 से महिलाएं डोर टू डोर घर व दुकानों से कचरा संग्रहण आटो में करती हैं। इन महिलाओं को मास्क तथा दस्ताने मिले हुए हैं, लेकिन नगर पालिका के एेसे सफाई कर्मचारी जो सालों से शहर की नालियों के साथ खुले में फेंके जाने वाले कचरे की सफाई करते हैं उनको मास्क, दस्ताने आदि नहीं मिले हैं। कुछ सफाईकर्मियों को समाजसेवी संस्थाओं ने मास्क दिए थे, जो फट चुके हैं। महिला सफाई कर्मचारियों ने बताया उन्हें एक नग मास्क मिला था वह फट चुका है। नगर पालिका के सफाईकर्मी 43 हैं, जिसमें से 8 कर्मचारी शासकीय हैं। अन्य सभी ठेकेदारी में काम कर रहे हैं। नगर पालिका कर्मचारी नाली में घुसकर काम करते हैं, लेकिन इनके पास ढंग के जूते भी नहीं हैं, जिससे काम करने में दिक्कत होती है। बारिश में संक्रमण जल्दी फैलता है। फिर भी सफाईकर्मियों को दस्ताने, मास्क आदि सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए गए हैं।
कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण दें : नेता प्रतिपक्ष
नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष जयंत अटभैया ने कहा सभी सफाई कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए अभी मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताना देना चाहिए। अप्रैल में सैनिटाइजर के साथ एक मास्क दिया गया था, जो अब उपयोग के लायक नहीं है। बारिश में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है इस कारण पालिका को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना चाहिए।
सीएमओ ने कहा - समस्या का समाधान किया जाएगा
प्रभारी नगर पालिका सीएमओ कांकेर डिप्टी कलेक्टर कल्पना ध्रुव ने कहा अभी मैने प्रभार संभाला है इस कारण पूरी जानकारी नहीं है। इस संबंध में जानकारी लेकर सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा।
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