स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के जिला सह मीडिया प्रभारी अशोक कुमार नाग ने कहा कि मंगलवार को हुई छत्तीसगढ़ के मंत्री परिषद की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के रीढ़ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों को फिर से निराशा हाथ लगी। स्वास्थ्य विभाग के नियमित कर्मचारी स्वास्थ्य संयोजकों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार किया है।
संघ के प्रांताध्यक्ष टारजन गुप्ता एवं प्रांतीय सचिव प्रवीण ढ़ीडवंशी ने कहा सरकार जितना महत्व शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को दे रही है, उतना ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी भी हो रही है। स्वास्थ्य संयोजक शासन के सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का क्रियान्वयन के साथ-साथ सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य संयोजकों की उसेक्षा हो रही है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी अपने वेतन विसंगति को दूर करने 2200 से 2800 ग्रेड पे करने की मांग को लेकर संघर्षरत है। विगत सरकार के समय 47 दिवस को अनिश्चितकालीन हड़ताल कर अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए थे। इसमें प्रदेश के 1262 कर्मचारी को बर्खास्तगी का सामना भी करना पड़ा था। स्वास्थ्य संयोजकों को नए सरकार पर पूरा भरोसा व उम्मीद थी। जिस तरह से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों के वेतनमान में बढ़ोतरी को लेकर बयान दिया गया एवं कोरोना भत्ता देने का आश्वासन दिया गया है, उस पर कैबिनेट बैठक में किसी प्रकार का कोई फैसला एवं चर्चा न होने से स्वास्थ्य संयोजकों में निराशा है।
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