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पुलिस की एंबुलेंस में जाने से इंकार किया तो संजीवनी बुलानी पड़ी, पिटाई से जख्मी ग्रामीणों को कराया भर्ती

जिले के पोटाली में बुधवार की रात नक्सलियों ने अपने ही दो साथियों को मौत के घाट उतार दिया था, वहीं उनकी पिटाई से 3 ग्रामीण जख्मी हुए थे। खबर मिलने पर एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने गांव में एम्बुलेंस भिजवाया, ताकि ग्रामीणों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया जा सके, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस की एम्बुलेंस में जाने से मना कर दिया।
ग्रामीणों को लाने संजीवनी 108 को सूचना देनी पड़ी। इस एम्बुलेंस के कर्मचारी गांव पहुंचे व कर्मचारियों की समझाइश के बाद नक्सलियों की पिटाई से जख्मी जोगा व हिड़मा को देर शाम को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। वहीं एक ग्रामीण ने अपने आप को स्वस्थ होना बताया। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि पोटाली में जब कैम्प खुला तो ये युवक ही नक्सलियों के दबाव में कैंप के खिलाफ ग्रामीणों को भाषण देते थे, लेकिन अब सड़क बनने से खुश थे। गांव में हो रहे विकास के समर्थन में नक्सलियों को कहा तो नक्सलियों ने बेरहमी से पिटाई कर दी। घायल युवकों का इलाज चल रहा है।
जहां कैंप वहां हफ्तेभर में 40 ग्रामीणों की पिटाई
दंतेवाड़ा में नौ महीने पहले पोटाली व चिकपाल में सुरक्षा बलों का कैंप खुला है। इसके बाद सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं पहुंच रहीं। अब नक्सली इतना बौखला गए हैं कि इन इलाकों के ग्रामीणों की पिटाई कर रहे हैं। हफ्तेभर के अंदर ही नक्सलियों ने दो गांवों के 40 ग्रामीणों की पिटाई की व अपने ही दो साथियों की हत्या कर दी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीण दहशत में हैं। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने कहा कि विकास होता देख बौखलाए नक्सली ग्रामीणों की पिटाई कर रहे हैं। पिटाई के बाद भी नक्सलियों के भय के कारण ग्रामीण थाना व अस्पताल नहीं पहुंचते हैं। हमें जब भी ऐसे मामलों की जानकारी मिलती है, ग्रामीणों को उचित उपचार देने अस्पताल पहुंचाते हैं।

परचेली में 25 से ज्यादा ग्रामीणों को पीटा गया
17 जुलाई की रात को नक्सलियों ने चिकपाल के करीबी गांव परचेली के 25 से ज्यादा ग्रामीणों की पिटाई की। वजह इन ग्रामीणों ने गांव पहुंचे कलेक्टर व एसपी से विकास मांगा था। घटना में दुधमुंहे बच्चों की मां सहित 7 ग्रामीण घायल हुए थे।

पोटली में दो की हत्या
22 जुलाई की रात पोटाली के धुर्वापारा के करीब 15 ग्रामीणों की नक्सलियों ने पिटाई की, जबकि अपने दो साथियों की हत्या कर दी।

2018 में सामने आए थे मामले: 2018 में इस तरह के मामले सबसे ज्यादा सामने आए थे। फूलपाड़ के 30 से ज़्यादा ग्रामीणों की नक्सलियों ने पिटाई कर घायल किया था। ​​​​​​​



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Sanjeevani was called after she refused to go to the police's ambulance, recruited villagers injured by beating


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