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बैंकों में भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं

अनलाक की प्रक्रिया सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क आदि लगाने जैसी शर्तों के साथ की गई है लेकिन जिले में इन नियमों का कहीं भी पालन होता नहीं दिख रहा है। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में पासबुक एंट्री कराने दो मशीने हैं। एक मशीन खराब होने से दूसरी मशीन में लंबी लाइन लग रही है। लंबी लाइन लगने से यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा शहर के एटीएम तथा बाजार में भी दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। मास्क पहने बिना भी लोग घूमते नजर आते हैं।
कांकेर एसबीआई में सबसे ज्यादा दिक्कत पासबुक एंट्री कराने को लेकर है। लॉकडाउन लगने के बाद से मार्च माह से पासबुक एंट्री बंद थी। पिछले 15 दिनों से पासबुक एंट्री कार्य शुरू किया गया। यहां दो मशीने हैं जिसमें से एक खराब होने से बैंक खुलने के साथ ही भीड़ लगनी शुरू हो जाती है जो शाम तक लगी रहती है। भीड़ अधिक होने से सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। कांकेर एसबीआई मुख्य ब्रांच में 30 हजार खातेदार हैं और रोजाना एक हजार उपभोक्ता पासबुक एंट्री कराने पहुंच रहे हैं।
जागरूकता जरूरी: भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधक सीडी ठाकुर ने कहा बैंक में पासबुक एंट्री कराने वाली एक मशीन खराब है। इसे बनाने कंपनी के इंजीनियर कोरोना वायरस के कारण नहीं आ पा रहे हैं। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने कहा जाता है लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग पालन नहीं करते हैं।

अन्य बैंकों में भी भीड़
कांकेर जिला सहकारी बैंक में गोल घेरा जरूर बनाया गया है लेकिन नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। बैंक परिसर में एक साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हंै जिसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ बड़ौदा में भी भीड़ अधिक होने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है।
दुकान, बाजार में भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं
शहर के प्राय: दुकानों में भीड़भाड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग जैसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। लॉकडाउन के दौरान दुकानों के सामने गोल घेरे बनाए गए थे। गोल घेरों का पालन तो दूर अब घेरे मिटना शुरू हो गए हैं।



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