Skip to main content

सड़कों पर मवेशी, गांवों में फसलों को भी पहुंचा रहे नुकसान

गांव के साथ शहरों में भी रोका छेका अभियान शुरू किया गया है। अफसर गांव गांव पहुंच मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। गांव-गांव में मुनादी भी कराई गई लेकिन इसके बाद भी गांव के साथ शहरों में भी सड़कों में मवेशी घूमते नजर आ रहे हैं।
सरकार ने 19 जून से रोका छेका अभियान शुरू किया। भास्कर ने गांव तथा शहरों का जायजा लिया तो हर जगह मवेशी खुले में घूमते नजर आए। परेशान होकर किसान मवेशियों को खेतों में घुसने से रोकने खेतों में फेंसिंग भी करा रहे हैं। ग्राम मनकेशरी में मवेशी चराने एक चरवाहा परिवार को रखा गया है। गांव में गोठान नहीं है तथा चारागाह की भी समस्या है। चरवाहे को पैसा पशु पालकों को देना होता है। कई पालक चरवाहे हो पैसा देने के बजाय अपने मवेशियों को खुले में छोड़ रहे हैं। इससे मवेशी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मनकेशरी में भंडारीपारा तक से मवेशी पहुंच रहे हैं। गांव के फागूराम पटेल, भीखम देवांगन ने कहा कि एक चरवाहे की व्यवस्था की गई है।
इसके बावजूद कई पशु पालक मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं। इससे खेतों में फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं मवेशी शाम तथा रात में अक्सर सड़कों पर बैठे रहते हैं जो आए दिन सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्राम पंडरीपानी में गोठान नहीं है। लोग मवेशियों को खुले में ही छोड़ रहे हंै। खेतों में फेंसिंग करानी पड़ रही है। पंडरीपानी के किसान भागबली साहू ने कहा कि मवेशी सड़क के साथ खेतों में घूम रहे हैं जिसके चलते खेतों को फेंसिंग तार से घेराव कर रहे हैं। ग्राम कोदाभाठ, गोविंदपुर में भी गोठान नहीं है।

सरंगपाल में गोठान होने के बावजूद समस्या
ग्राम सरंगपाल में गोठान है जहां कुछ ग्रामीणों के मवेशी पहुंचते हैं लेकिन अभी भी बहुत से किसानों के मवेशी खुले में घूमते नजर आते हैं। पूर्व उपसरपंच रामस्वरूप देवांगन ने कहा गांव में कई पशु पालक अभी भी गोठान की दूरी ज्यादा होने की वजह से मवेशियों को वहां नहीं ले जाकर खुले में छोड़ देते हैं।

वाहनों से मवेशी आए दिन हो रहे घायल
शहर में भी रोका छेका अभियान शुरू किया गया है। 20 से अधिक मवेशियों को पकड़ चालानी कार्रवाई की गई। बावजूद इसके मवेशी सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। कांजी हाउस में ज्यादा मवेशियों को रखने क्षमता नहीं होना भी एक परेशानी है। शहर की सड़कों पर आए दिन मवेशी घायल हो रहे है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Cattle on roads, crops in villages are also damaged


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2AvvqKV
via

Comments