26 दिनों तक चले गोंचा महापर्व में बुधवार को बाहुड़ा गोंचा की रस्म अदा की गई। जनकपुरी से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 9 विग्रह को रथ पर आरूढ़ करने के बाद रथ खींचने की परंपरा पूरी की गई। कोरोना के बीच तीन की बजाय एक रथ का उपयोग किया गया। अन्य विग्रहों को श्रद्धालु अपने कंधे पर उठाकर जगन्नाथ मंदिर ले गए। समाज के लोगों और पुजारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रथ खींचा। दो घंटे तक रथ को खींचने के बाद इसे जगन्नाथ मंदिर के सामने रोक दिया गया। जहां कपाटफेड़ा की रस्म निभाई गई।
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