सरगुजा संभाग में एनजीटी के आदेश के बाद भी बालू के अवैध उत्खनन पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि अधिकारियों को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा है कि कई जिलों में रेत खदान नहीं हैं, ऐसे में सरकारी निर्माण में लगे ठेकेदारों द्वारा बिना पीट पास वाली अवैध रेत काम में लेनी पड़ रही है। इस पर जब वे बिल लगाते हैं तो माइनिंग विभाग कई गुना टैक्स लगा देता है। जिसे वे नहीं दे पाते हैं। इस वजह से उनका करोड़ों का भुगतान अटका है। दैनिक भास्कर रेत के अवैध उत्खनन पर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। बलरामपुर जिले के पांगन और मेंधारी नदी में एनजीटी के आदेश के बाद भी ठेकेदार द्वारा रेत उत्खनन पर दैनिक भास्कर से टीएस सिंहदेव ने कहा कि इस पर जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। आम लोगों को सही रेट में रेत की उपलब्धता हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 जून से पहले उत्खनन के बाद रेत भंडारित कर रखनी थी ताकि निर्माण कार्यों के लिए रेत सही दाम पर मिल सके। सिंहदेव ने कहा कि अफसरों को सोचना चाहिए अगर जनता परेशान है और गलत काम पर रोक नहीं लग रही है तो सरकार की छवि पर असर पड़ता है। बता दें कि पांगन नदी और मेंधारी गांव में खनिज विभाग ने रेत खनन का ठेका जारी किया है।
अब जब 15 जून से नदियों से उत्खनन पर बैन है तो ठेकेदार बेखौफ खनन कर यूपी के बड़े शहरों में रेत भेज रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन हमेशा जांच करवाने की बात करता रहा है और दूसरी तरफ माइनिंग चल रही है।
रेत नहीं हो तो पहले दिन ही सरकारी काम रोक दें
सिंहदेव ने कहा कि लीगल खदान का रेत नहीं होने पर भी जब ठेकेदार निर्माण कार्य करता है। तो उस समय कोई दिक्कत नहीं होती है, लेकिन जब निर्माण पूरा हो जाता है व फाइनल बिल लगाता है तो बिना पीट पास की रेत होने के कारण खनिज विभाग कई गुना पेनाल्टी लगा देता है। जिसे वह नहीं दे पाता है, अगर ऐसा ही करना होता है तो उस सरकारी काम को पहले दिन ही रोक देना चाहिए।
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