Skip to main content

गांव के कुछ लोगों ने 80 हजार में कर दिया खदान का सौदा, दबंग सप्ताहभर से करवा रहे हैं रेत खनन

अभी नदियों से रेत निकालने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। स्वीकृत या गैर स्वीकृत दोनों खदानों से रेत नहीं निकाली जा सकती। जिले में भिलाई दुर्ग का रेत माफिया इस कदर हावी है कि स्वीकृत रेत खदानों पर विभाग की नजर रहने के कारण एक अस्वीकृत रेत खदान गांव के लोगों से सांठगांठ कर चालू ली। प्रतिमाह 80 हजार पर ग्रामीणों से सौदा हो गया। धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। विभाग को इसकी भनक होना तो दूर यह भी नहीं पता कि मचांदूर में कोई नदी तट है।
चारामा विकासखंड के ग्राम पंचायत भर्रीटोला के आश्रित ग्राम मचांदूर महानदी तट में जेसीबी तथा चेन माउंटेन से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। निकट से लगी स्वीकृत माहूद खदान में पानी आ गया तो रेत माफिया मचांदूर से रेत निकलवाने लगा। सूचना भास्कर को मिली तो टीम ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने खदान से रेत निकालने जानकारी होने से स्पष्ट इंकार कर दिया जबकि खदान से जेसीबी से रेत निकाली जा रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पिछले एक सप्ताह से रेत निकाली जा रही है। गांव के कुछ ट्रैक्टर के साथ दुर्ग भिलाई से हाईवा भी पहुंच रहा है। रोज नदी में जेसीबी लगा रेत निकाली जा रही है। कुछ ग्रामीणों ने पंचायत को जानकारी दिए बिना खदान को 80 हजार रूपए में दुर्ग के रेत माफिया को बेच दिया है जो पहले इलाके में रेत खदान चलाता था। विवाद तथा ठेकेदार के गुर्गों की दबंगई के चलते कोई भी रेत निकालने से उन्हें मना नहीं कर पा रहा है। प्रशासन को शिकायत करने के बाद भी विभाग कार्रवाई नहीं करता है।
ग्राम पंचायत भर्रीटोला उपसरपंच वासु साहू ने बताया कि मचांदूर से पूर्व में रेत निकालने की सूचना मिली थी जिसे पंचायत ने बंद कराया था। वर्तमान में रेत निकालने की जानकारी नहीं है। रेत कौन निकाल रहा है यह भी नहीं पता।

जिले की सभी खदानों में कियाजा रहा नियमों का उल्लंघन
कांकेर के निकट बाइपास रोड पर गढ़पिछवाड़ी में बन रहे पुल से सुबह शाम रेत निकाली जा रही है। देवरी में जेसीबी लगा रात में रेत निकाली जा रही है। चारामा में ही गिरहोला व अन्य खदानों से जेसीबी लगा रेत चोरी की जा रही है। जिले की स्वीकृत, गैर स्वीकृत सभी खदानों से खुलेआम रेत निकाली जा रही है।

प्रतिबंध के बाद भी खदान में चेन माउंटेन, जेसीबी उतारे जा रहे
नियम के हिसाब से 15 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। जिले में जितनी भी रेत खदानें हैं वे सभी मानव श्रम वाली हैं। यहां सिर्फ ट्रैक्टर को नदी में उतार उसमें मजदूरों से रेत लोड कराई जानी चाहिए। सूर्यास्त होने के बाद खनन प्रतिबंधित है। बावजूद सभी खदानों में जेसीबी व चैन माउंटेन उतार हाईवा व ट्रैक्टर मेें रेत लोड की जा रही है।

मचांदूर से रेत निकालने की नहीं है कोई सूचना : खनिज निरीक्षक
खनिज निरीक्षक सीएल बंजारे ने बताया कि अवैध रूप से रेत खनन व परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ कार्रवाई की जा रही है। मचांदूर से रेत निकालने की सूचना नहीं है। जहां तक मचांदूर में नदी भी नहीं है। यदि ऐसा है तो वहां जाकर जांच की जाएगी। अवैध उत्खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धमतरी की घटना के बादसामने नहीं आ रहे नेता
पहलेअवैध रूप से रेत निकालने पर इलाके के जनप्रतिनिधि खदान पहुंच रोक लगाने के साथ कार्रवाई के लिए शिकायत करते थे। धमतरी की घटना के बाद से जनप्रतिनिधि इतने डरे हुए हैं कि अब ठेकेदार के गुंडों से विवाद करने से बच रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Some people in the village have done the mining deal for 80 thousand, Dabang has been doing sand mining for a week


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ZbT4G0
via

Comments