कोरोना संक्रमण के बीच महारानी हास्पिटल में शनिवार से मोतियाबिंद का आपरेशन शुरू हो जाएगा। पांच महीने से बंद आपरेशन को शुरू करने के लिए हास्पिटल प्रबंधन ने तैयारी पूरी कर ली है। एक ओर जहां ओटी का कल्चर टेस्ट कर लिया गया है वहीं मेंटेनेंस का काम भी पूरा कर लिया गया है। पहले दिन जिन दो मरीजों का आपरेशन किया जाएगा उन दोनों मरीजों काे दिखाई नहीं देता है। इन दोनों मरीजों की आंखों का मोतियाबिंद पूरी तरह से पक चुका है।
जिले में 25 मार्च के बाद से अब तक मोतियाबिंद का आपरेशन बंद था लेकिन मरीजों की संख्या में होने वाली बढ़ोत्तरी को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस आपरेशन को कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। नोडल अधिकारी और जिला नेत्र विशेषज्ञ डॉ सरिता थामस ने बताया कि पहले वे और डॉ अक्षय डी पराशर मोतियाबिंद का आपरेशन करेंगे। इस आपरेशन के लिए पूरी तैयार कर ली गई है। शनिवार को दो मरीजों का आपरेशन किया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण से पहले हर महीने महारानी हास्पिटल में 100 नेत्र रोगियों का आपरेशन किया जाता था।
जिले में 300 नेत्र रोगियों का ऑपरेशन करना था
कोरोना संक्रमण के बीच होने वाले इस आपरेशन से पहले इन मरीजों के बीपी ,शुगर और अन्य बीमारियों की जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की जाएगी। जहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही नेत्र रोगियों का आपरेशन किया जाएगा । डाॅक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच बंद होने वाले आपरेशन से पहले जिले में करीब 300 नेत्र रोगी थे जिनका आपरेशन किया जाना था।
इलाज के बाद 4 दिन तक मरीज रहेंगे हाॅस्पिटल में
नेत्र रोगियों को आपरेशन कराने के बाद उन्हें हास्पिटल में चार दिनों तक रखा जाएगा । डॉ थामस ने बताया कि आपरेशन के बाद दो दिन और इससे पहले एक दिन नेत्र रोगियों को रखा जाता है । इस दौरान मरीजों के नाश्ते और खाने की व्यवस्था हास्पिटल प्रबंधन के द्वारा की जाएगी । मरीजों को रहने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए हास्पिटल प्रबंधन के द्वारा व्यवस्था की जा रही है।
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