छोटे बेठिया थानांतर्गत बेचाघाट जंगल में 33 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। घटनास्थल नक्सल संवेदनशील होने के कारण आशंका है ये कारतूस जंगल मेंं नक्सलियों द्वारा ही छुपाए गए हैं। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया है। जंगल में मिली बंदूक की गोलियों को लेकर पुलिस आसपास के गांव के ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार नक्सली शहीदी सप्ताह व नक्सलियों द्वारा फेंके गए पर्चों को देखते हुए इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में टीम भेजी जा रही है। इसी दौरान छोटेबेठिया थाना की पुलिस को सूचना मिली कि बेचाघाट जंगल में बम आदि होने का संदेह है। जिसके बाद छोटेबेठिया स्थित बीएसएफ कैंप के 132 बटालियन के जवान तथा छोटेबेठिया पुलिस की संयुक्त टीम भी सूचना के अधार पर गश्त के लिए बेचाघाट की ओर निकली। संयुक्त टीम 20 जुलाई को गश्त करते बेचाघाट पहुंची। मुखबिर से मिली सूचना व संवेदनशील इलाका होने के कारण यहां जंगल की बारीकी से तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान शाम 5 बजे जवानों को झाड़ियों में छुपा कर रखा गया एक झोला दिखा। बम होने की सूचना के कारण झोला को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसकी जांच की गई तो उसमें से 33 जिंदा कारतूस निकले। छोटेबेठिया थाना प्रभारी भोजराज भोई ने बताया झोले से 32 नग एके 47 तथा 1 नग इंसास रायफल के जिंदा कारतूस मिले जिसे जब्त कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है। फिलहाल अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। जांच में जो भी नाम सामने आएगा उसके खिलाफ भी मामला दर्ज होगा।
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