शहर के तीन शिक्षण संस्थानाें आईआईटी, ट्रिपल आईटी और एनआईटी में डिजाइन इनाेवेशन सेंटर शुरू किया जाएगा। मिनिस्ट्री ऑफ माइक्राे, स्माॅल एंड मीडियम इंटरप्राइजेस यानी एमएसएमई ने इन तीनाें संस्थानाें काे डिजाइन इनोवेशन सेंटर शुरू करने का प्रपोजल भेजा था, जिसे तीनाें ने स्वीकार कर लिया है। तीनों संस्थानों की जानकारी एमएसएमई की नेशनल टीम को अप्रुवल के लिए भेजी गई है। तीनाें संस्थानाें काे इसी साल एमएसएमई ने इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू करने की भी मान्यता दी थी। इन्क्यूबेशन सेंटर में ही जल्द ही डिजाइन इनाेवेशन सेंटर शुरू किया जाएगा। अब तक शहर में इसका एक भी सेंटर नहीं है। इस सेंटर में देश के नामी संस्थानाें के विशेषज्ञ किसी भी प्राेडक्ट काे डिजाइन करने और प्राेटाेटाइप (नमूना/प्रारूप) बनाने में मदद करेंगे। डिजाइन इनाेवेशन सेंटर शुरू करने में जितना भी खर्च अाएगा उसका लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा एमएसएमई वहन करेगा। सेंटर में डिजाइनिंग के लिए लैब बनाई जाएगी। प्रोटोटाइप, मॉडल बनाने के लिए जरूरी मशीनें भी खरीदेंगे।
सेंटर से लोगों को होंगे ये फायदे
- राज्य के किसी भी संस्थान के स्टूडेंट या आम इंसान के पास अगर काेई इनाेवेटिव बिजनेस आइडिया है ताे वाे डिजाइन इनाेवेशन सेंटर में उसका प्राेटाेटाइप बनवा सकेगा।
- कोई भी कंपनी और स्टार्टअप अपने प्राेडक्ट की डिजाइनिंग से जुड़ी समस्या के लिए सेंटर की मदद ले सकेगा। कंपनियाें और संस्थान के बीच का गैप कम होगा।
- इस सेंटर का सबसे बड़ा फायदा तीनाें संस्थानाें के इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े आंत्रप्रेन्याेर्स और यहां के 6 हजार छात्राें काे हाेगा।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलाेर जैसे संस्थान के विशेषज्ञ डिजाइन और प्राेटाेटाइप बनाने में मदद करेंगे।
- डिजाइनिंग से जुड़ी मदद एनआईडी के विशेषज्ञ करेंगे। वहीं, डिजाइन काे प्राेडक्ट की शक्ल देने में जाे टेक्निकल मदद लगेगी वाे आईआईएससी और एमएसएमई से जुड़े अन्य विशेषज्ञ की टीम करेगी।
- प्राेडक्ट का प्राेटाेटाइप आकर्षक हाेगा ताे आंत्रप्रेन्याेर्स काे फंडिंग जुटाने, काराेबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
छात्र कर सकेंगे डिजाइनिंग के प्रोजेक्ट
तीनाें संस्थानाें में लगभग 6 हजार स्टूडेंढ़ पढ़ते हैं। स्टूडेंट काे पढ़ाई के दाैरान अलग-अलग विषयाें पर प्राेजेक्ट बनाने का टास्क दिया जाता है। डिजाइन इनाेवेशन सेंटर शुरू हाेने के बाद स्टूडेंट डिजाइनिंग से जुड़े प्राेजेक्ट भी कर सकेंगे। इस सेंटर में कई कंपनियां और स्टार्टअप अपनी समस्याएं लेकर आएंगे, स्टूडेंट काे उनका हल ढूंढने और बेहतर डिजाइनिंग करने से जुड़े टास्क भी दिए जा सकेंगे। स्टूडेंट अपने बिजनेस आइडिया का प्राेटाेटाइप भी बना सकेंगे।
डिजाइनिंग से समझौता नहीं करना पड़ेगा
सैकड़ाें स्टूडेंट स्टार्टअप कर रहे हैं। अब तक बड़ी रकम खर्च करके बाहरी विशेषज्ञाें से प्राेडक्ट डिजाइन करवाना पड़ता है या फंड की कमी के कारण डिजाइनिंग से समझाैता करना पड़ता है। सेंटर शुरू हाेने से विशेषज्ञाें की गाइडेंस मिलने लगेगी।
-डॉ समीर वाजपेयी, हेड करियर डेवलपमेंट सेंटर, एनआईटी
हमेये महसूस हुआकि डिजाइनिंग कमजाेर हाे ताे इनोवेटिव और अच्छे आइडिया भी पीछे रह जाते हैं। डिजाइन इनाेवेशन सेंटर शुरू हाेने से प्राेडक्ट का डिजाइन इनाेेवेटिव बनाया जा सकेगा।
-लाेकेश परगनिया, डिप्टी डायरेक्टर, एमएसएमई रायपुर
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