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थानों में हिस्ट्रीशीटर-गुंडों की लगी क्लास 377 ने पुलिस को बताया पैन-खाता नंबर

राजधानी के 31 थानों में हिस्ट्रीशीटर और गुंडे बदमाशों की जानकारी अपडेट के लिए रविवार को शहर के सभी थानों में क्लास लगाई गई। सुबह 11 बजे ही हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाश अपनी अपने पैन कार्ड और बैंक की पासबुक लेकर पहुंच गए। बदमाशों ने अपने भाई, दोस्त और करीबी रिश्तेदारों के साथ-साथ पत्नी के भाई और माता-पिता का नंबर भी पुलिस के रजिस्टर में दर्ज करवाना पड़ा।
शहर के सभी थानों में सुबह से बदमाश और हिस्ट्रीशीटर पहुंचने लगे थे। कुछ थानों में भीड़ इतनी बढ़ गई कि सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए उनके लिए कतार लगनी पड़ी। पुलिस ने जिले के 866 बदमाशों के घर नोटिस भेजा गया है। शहर के सभी थानों में शाम तक 377 बदमाशों ने थाने में पूरी जानकारी अपडेट कराई। अपनी 3 माह की ट्रेवल हिस्ट्री देने के साथ खुद और परिवार वालों के आय के साधनों की भी जानकारी दी। पुलिस सभी हिस्ट्रीशीटर और गुंडो का नए सिरे से रिकॉर्ड को अपडेट करवा रही है। उसे जल्द ही डिजिटल प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। इस रिकॉर्ड की ई-लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसे पहले चरण में शहर के थानों से जोड़ा जाएगा, फिर राज्य के सभी थानों के सर्वर से कनेक्ट किया जाएगा। ताकि एक क्लिक में जानकारी सभी को दिखाई दे।
एसएसपी अजय यादव ने बताया कि कई बदमाश आर्थिक अपराध शामिल हैं, जिसकी जानकारी नहीं मिल पाती है। लूट, चोरी, मारपीट से लेकर गांजा-शराब तस्करी के बदमाशों पर पुलिस की हमेशा नजर रहती है। कई बदमाश हवाला से लेकर विदेशों में पैसे ट्रांजेक्शन का काम करते हैं। आपराधिक गतिविधियों से अपनी प्रॉपर्टी बनाते है।
ऐसे बदमाशों पर नजर रखने के लिए नए सिर से रिकॉर्ड को अपडेट किया जा रहा है। ताकि पुलिस बैंक और अन्य संस्थानों के माध्यम से बदमाशों की गतिविधियों और मूवमेंट पर नजर रख सके। इसलिए उनके जितने भी बैंक खाते है, उसकी जानकारी ली जा रही है। पैनकार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी से लेकर दोस्तों और ससुराल वालों के नाम, पता, मोबाइल नंबर ली जा रही है।

बदमाश का वर्तमान में आय का साधन, परिवार की हिस्ट्री और आय के साधन की जानकारी ली जा रही है। उनके घर पर एक माह में कौन-कौन आए और वे तीन माह में कहां-कहां गए। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

अब अपराध किए तो जिले से बाहर या रासुका की कार्रवाई
टीआई ने सभी बदमाशों की थाने में क्लास ली। बदमाशों को चेतावनी दी है किसी भी बदमाश की थाने में शिकायत या रिपोर्ट आई तो उनके ऊपर जिलाबदर की कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्हें एक साल के लिए जेल में बंद किया जाएगा।
जेल में बंद बदमाशों की जानकारी भी होगी अपडेट
पुलिस ने बताया कि शहर में 515 गुंडा बदमाश और 351 हिस्ट्रीशीटर है। इसमें से 243 गुंडा बदमाश और 146 हिस्ट्रीशीटर रविवार को जानकारी अपडेट कराने पहुंचे थे। कई बदमाश अभी जेल में बंद है। कुछ बदमाश गायब हैं, कुछ राज्य के बाहर हैं। उन बदमाशों के परिजनों से संपर्क किया गया है। परिजनों को थाने आकर जानकारी अपडेट कराने का निर्देश दिया गया है। जेल में बंद बदमाशों की जानकारी भी अपडेट की जाएगी।
अच्छा काम करने वालों को नाम काटा जाएगा
पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और गुंडा बदमाश सूची में शामिल कई बदमाशों का नाम हटाने की तैयारी कर रही है, जो कई सालों से किसी तरह के अपराध में शामिल नहीं है। अच्छा काम कर रहे हैं, मजदूरी या खुद का व्यवसाय करके जीवनयापन कर रहे है। ऐसे लोगों की फाइल बंद की जाएगी। उनका नाम हटा दिया जाएगा।



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