लो वोल्टेज की समस्या से ब्लाॅक के आर्सेनिक प्रभावित 23 गांवों की 30 हजार से अधिक की आबादी मुश्किलों से घिर गई है। इन गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को बिजली की आंख मिचौली व लो वोल्टेज के कारण समूह जल संयत्र योजना के तहत पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। सप्ताह भर से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से यहां आक्रोश है।
ग्रामीणजन छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी ब्लाॅक के आर्सेनिक प्रभावित उन 23 गांवांे के ग्रामीणों को हो रही है। समूह जल संयत्र योजना के तहत पेयजल आपूर्ति हो रही है। लो वोल्टेज के कारण इन गांवों में पानी ही नहीं पहुच रहा है।
ग्रामीण बोले- पांच दिन से नहीं मिला पीने का पानी
इन प्रभावति गांवों के जोहनलाल साहू, मानिकराम, जीवनलाल, सुग्रीवराम, बिसनलाल, अंजोरसिंह, शुकालूराम, केशवलाल, शत्रुहन, अंकालूराम, रामजीलाल, मूलचंद, किशनलाल, यादवराम, बृजलाल ने बताया कि उन्हें पिछले 5 दिन से सुबह शाम पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे उन्हें मजबूरी में पुनः आर्सेनिक स्रोत वाले कुएं व हैडपंप का पानी पीना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने समस्या की शिकायत पीएचई विभाग के अधिकारियों से की है, लेकिन उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
भगवान भरोसे चल रही समूह जल संयत्र योजना
पिछली भाजपा सरकार के समय से ब्लाॅक के 23 आर्सेनिक प्रभावित 23 गांवों में 28 करोड़ की लागत वाली समूह जल संयत्र का संचालन हो रहा है। योजना का क्रियान्वयन के लिए चौकी नगर में शिवनाथ नदी में इंटेकवेल व नगर के दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र में फिल्टर प्लांट लगा हुआ है और दो दर्जन अकुशल, व अर्द्धकुशल श्रमिकों की सहायता से 23 गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। योजना की माॅनिटरिंग व इसे चलाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कोई स्पेशल टीम नहीं है। योजना भगवान भरोसे चल रही है।
फिल्टर प्लांट के मजदूरों को भी विभाग से शिकायत
समूह जल संयत्र योजना के अंतर्गत आर्सोनिक प्रभावित जिन गांवों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 24 मजदूरों की सहायता से योजना का क्रियान्वन कर रहा है। उन श्रमिकों को भी पीएचई विभाग व अधिकारियों से एक नहीं ढेरो शिकायतें हैं। मजदूरों का कहना है कि उनके मजदूरी भुगतान के लिए हमेशा विभाग के पास पर्याप्त बजट नहीं होता है। उन्हें हमेशा 5-6 महीनों में एक बार वेतन मिलता है। मजदूरों की वेतन में भी समानता नहीं है। यहां के मजदूरों ने बताया िक शिकायत करने पर अधिकारी काम से बाहर करने की चेतावनी देते हैं।
बिजली कंपनी को समस्या की दी गई जानकारी
इस संबंध में पीएचई एसडीओ एचके शेण्डे ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण इंटेकवेल व फिल्टर प्लांट में पंप ही नहीं चल पा रहा है। इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली कंपनी को समस्या की जानकारी दी गई है और जल्द से जल्द समस्या के निराकरण की मांग की गई है। वहीं बिजली कंपनी के एई एके सिंह ने कहा कि लो वोल्टेज की समस्या कुछ दिनों से नगर एवं क्षेत्र में बनीं हुई है। शीर्ष कार्यालय व अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी समस्या के निराकरण में लगे हुए हैं।
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