समसप्तक याेग में इस बार 3 अगस्त काे रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। सुबह 9.30 से रात 9.29 बजे तक राखी बांधी जा सकेगी। इस दिन सावन मास का पांचवां और आखिरी साेमवार है। पं. यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि 3 अगस्त काे सुबह 9.29 बजे तक भद्रा, सुबह 7.30 से सुबह 9 बजे तक राहुकाल व रात 9.29 बजे तक पूर्णिमा है, इसलिए सुबह 9.30 से रात 9.29 बजे तक राखी बांधी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि 3 अगस्त काे सुबह 7.20 बजे तक उत्तराषाढ़ नक्षत्र तथा 3 अगस्त काे सुबह 7.20 बजे से 4 अगस्त की सुबह 8.11 बजे तक श्रवण नक्षत्र व 3 अगस्त काे सुबह 7.20 बजे से 4 अगस्त काे सुबह 5.57 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि याेग है। उन्हाेंने बताया कि 29 साल बाद इस बार रक्षाबंधन के दिन समसप्तक याेग का शुभ संयाेग भी बन रहा है।
प्रीति याेग, आयुष्मान याेग, सर्वार्थ सिद्धि याेग, साेमवती पूर्णिमा, मकर का चंद्रमा, श्रवण नक्षत्र व उतरा आषाढ़ नक्षत्र का विशेष शुभ संयाेग बन रहा है। यह संयाेग सभी वर्गाें के लिए सुख समृद्धि कारक व कृषि क्षेत्र में लाभकारी व फलदायी हाेता है। श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि याेग एक साथ हाेना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। पूर्णिमा, श्रावण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्ध याेग नामकरण, व्यापार व वाहन खरीदने के लिए शुभ है। उन्हाेंने बताया कि इससे पहले 1991 में रक्षाबंधन के दिन समसप्तक याेग बना था।
राखी बांधने का मुहूर्त
- सुबह 9.29 से सुबह 10.54 बजे तक शुभ का चाैघड़िया
- दाेपहर 12 से दाेपहर 1 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
- दाेपहर 2.10 बजे से शाम 7.10 बजे तक चर, लाभ व अमृत का चाैघड़िया
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