सरकार से अनुमति मिलने के बाद सड़कों पर बस दौड़ते एक हफ्ते हो गए, लेकिन यात्री नहीं मिल रहे है। धमतरी से रायपुर रोज 5 बसें चल रही हैं, इनमें मुश्किल से 8 से 10 सवारियां बैठ रही हैं। 75 किमी दूरी तय कर धमतरी से रायपुर सवारी छोड़ने में एक बस के पीछे 3 हजार खर्च हो रहे हैं, लेकिन मालिकों को बदले में
800 से 1000 रुपए ही मिल रहे है। एक बस पर करीब 2 हजार का नुकसान हो रहा है। बस चलाने वालाें को हर दिन 5 से 6 हजार खर्च कर बसों को चलाना पड़ रहा है। ऑपरेटरों की मांग भी अभी तक सरकार ने नहीं मानी है। पूर्व में तय किए गए किराये से ही बसें चल रहीं हैं जबकि डीजल की कीमत 78 रुपए प्रतिलीटर तक हाे गई है।
चालक, परिचालकों की हुई बैठक, बोले रोजी-रोटी की समस्या: बसें नहीं चलने से चालक-परिचालकों के सामने अब आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। रविवार को इनकी बैठक कांग्रेस भवन में हुई। अध्यक्ष मिर्जा रशीद व सचिव सालिक राम सिन्हा ने बताया कि बस चालक, परिचालक के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। जिला प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रही है। धमतरी से रोज 200 बसें चलती है। वर्तमान में धमतरी से रायपुर 5, नगरी रोड में 3 बसे चल रही। स्कूल, कॉलेज बंद है। उन्होंने बताया कि सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन देकर आर्थिक मदद करने की मांग की जाएगी।
आरटीओ गौरव साहू ने कहा कि किसी भी बस संचालकों को बस चलाने दबाव नहीं बना रहे है। उन्हें टैक्ट भरने में समस्या न हो, इसलिए 30 बस संचालकों ने के फार्म, एम फार्म जमा किया है। इन सभी बसों का टैक्ट अप्रैल, मई व जून की माफ हो गई है। सरकार को जो भी दिशा-निर्देश आएगा उसके अनुसार आगे काम किया जाएगा।
बस खड़ी करने की नौबत आई, आरटीओ चलाने दबाव बना रहे
धमतरी बस ऑनर्स के अध्यक्ष महावीर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि सुबह से शाम तक रायपुर से धमतरी 2 फेरा लगा चुके हैं, लेकिन प्रत्येक फेरे में केवल 8 से 10 लोगों ही मुश्किल से यात्रा कर रहे है। रोज 6 हजार खर्च हो रहे है, डीजल खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। हालात को देखते हुए बसों को फिर से खड़ा करना पड़ सकता है। यदि सरकार भत्ता देगी, तभी राहत मिल सकती है। बस नहीं चलाने पर आरटीओ दबाव बना रहे हैं।
2 घंटे खड़े रहने के बाद मिली 5 सवारी: रविवार को महेश ट्रैवल्स की बस धमतरी से रायपुर जाने के लिए सुबह 9.30 बजे खड़ी हुई। करीब 2 घंटे तक इंतजार के बाद रायपुर जाने वाले 5 लाेग ही बैठे। रास्ते में 4 और सवारी मिली। कुल 9 लोगों को रायपुर छोड़ा गया। एक यात्री का टिकट 80 रुपए हैं। वापस बस लौटी, तो 6 यात्री धमतरी आए। आने-जाने का डीजल खर्च 3 हजार हुआ। बदले में 1200 रूपए खर्च निकला। इनमें 9 सौ रूपए बस चालक और परिचालक का भत्ता शामिल हैं।
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