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अब रहवासी क्षेत्र में मिल रहे केस, 25 % की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली, सामुदायिक संक्रमण का खतरा

सरगुजा जिले में तेजी से फैल रहे कोरोना के संक्रमण और इनमें से ज्यादातर पीड़ितों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ने लगी है। पहले सिर्फ क्वारेंटाइन सेंटर से ही मरीज मिल रहे थे। जबकि 2 जुलाई के बाद अंबिकापुर के रहवासी क्षेत्रों से जिस तरह से रोज नए मरीज मिल रहे हैं। उससे शुक्रवार को 13 नए केस मिलने से जिले में पीड़ितों की संख्या 141 पहुंच गई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि नए केस में 25 फीसदी मरीज ऐसे हैं जिनको संक्रमण कहां हुआ इसके बारे में पता नहीं चल रहा है। यही वजह है कि देखते ही देखते शहर में 12 से अधिक कंटेनमेंट जाेन बन गए हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों से घरों में रहने व सोशल डिस्टेंस बनाने की समझाइश दे रहा, लेकिन बाहर में ऐसी स्थिति बन नहीं रही है। बाजार में आवाजाही देखी जा रही है। हालांकि यह पहले से कम है, लेकिन बेवजह घूमने वाले अभी ज्यादा हैं। शुक्रवार की देर शाम सरगुजा जिले में 12 नए केस मिले हैं। इनमें शहर के खरसिया रोड से 1, बौरीपारा से 3, जोड़ापीपल से 1, मायापुर से 4, गोधनपुर व फुंदुरडिहारी से एक-एक कोरोना मरीज मिले हैं। इसके अलावा सीतापुर से एक केस सामने आया है। खास बात यह है कि सरगुजा में पिछले 3 दिन में 80 केस मिले हैं।

कैसे संक्रमित हुए, इन्हें पता नहीं, न कोई ट्रैवल हिस्ट्री
शहर से बाहर नहीं गए

कुंडला सिटी निवासी दो रिश्तेदारों ने सर्दी की शिकायत पर कोरोना की जांच कराई। जांच में दोनों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। इनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। ये शहर से कहीं बाहर नहीं गए हैं। दोनों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है।

जांच में मिले संक्रमित
बौरीपारा निवासी 19 वर्षीय युवक जांच में शुक्रवार को पाॅजिटिव पाया गया। इसे भी सर्दी की शिकायत थी और उसने खुद अपनी कोरोना की जांच कराई। युवक भी शहर से कहीं बाहर नहीं गया है। उसे संक्रमण कैसे लगा यह पता नहीं चला है।

कैसे संक्रमित हुए पता नहीं
लखनपुर ब्लाॅक के कोरजा निवासी स्वास्थ्य कर्मी की सर्दी की शिकायत पर पिछले दिनों जांच कराई गई थी और उसकी भी रिपोर्ट काेरोना पाॅजिटिव आई। स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोजा से कहीं बाहर नहीं निकला है। उसे भी संक्रमण कैसे लगा यह पता नहीं चल रहा है।

ठीक होकर 5 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज
नए संक्रमण के केस सामने आने से चिंताएं बढ़ रही हैं लेकिन दूसरी तरफ मरीजों के ठीक होने की अच्छी खबरें भी आ रही है। शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज अस्पताल से एक साथ 5 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इनमें से कुछ कोरिया जिले के भी थे। सैंपल लिए जाने से 10 दिन होने पर इन्हें अस्पताल प्रबंधन नई गाइड लाइन के तहत अस्पताल से छोड़ा। अब अस्पताल में 65 मरीज भर्ती हैं।

स्वास्थ्यकर्मी के पिता मिले संक्रमित
वाड्रफनगर| बलरामपुर के रघुनाथनगर सीएसची में एक स्वस्थ्य कार्यकर्ता के पिता के संक्रमित मिलने पर केंद्र को 21 जुलाई तक के लिए सील कर दिया गया है। यहां के डॉक्टर समेत 23 कर्मचारी क्वारेंटाइन सेंटर में चले गए हैं। अब दूसरे स्थान पर हेल्थ सेंटर शुरू करने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि जिस कर्मी के पिता पाॅजिटिव मिले हैं। वह पिता के साथ ही रहती थी। वह कई बार केंद्र आई थी। इससे कई लोग उसके संपर्क में आए हैं।



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Now getting cases in the resident area, 25% travel history is not found, risk of community infection


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