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18 का सरेंडर, कहा- विकास होना चाहिए

नक्सलियों के दमन विरोधी सप्ताह के बीच पुलिस के ‘लोन वर्राटू’ कार्यक्रम ने नक्सल संगठन को कमजोर करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को भांसी थाना क्षेत्र में एक साथ 18 नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी, कलेक्टर, एसपी के सामने सरेंडर किया। इनमें 4 तो 1-1 लाख के इनामी हैं। जबकि बाकी मिलिशिया व सीएमएन सदस्य। पुलिस की सूची में इस इलाके के जिन 31 नक्सलियों के नाम थे उनमें 18 का एक साथ समर्पण से अफसर भी काफी खुश हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि नक्सलियों ने सरेंडर करते ही पुल, पुलिया, सड़क, स्कूल भवन की मांग रख दी। सभी ने कहा कि अब नक्सलवाद का साथ नहीं देंगे।
सभी को सीआरपीएफ डीआईजी डीएन लाल, कलेक्टर दीपक सोनी, एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव, सीआरपीएफ 230 बटालियन के सीओ डब्ल्यू आर जोसुआ, एएसपी राजेंद्र जायसवाल, एसडीओपी चंद्रकांत गवर्णा, देवांश राठौर, शिल्पा साहू ने हाथों प्रोत्साहन राशि, कपड़े, चप्पल सहित अन्य जरूरत के सामान दिए। कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि युवा अब मुख्यधारा में वापस लौट रहे हैं। जितनी भी मांग की है, सभी का सर्वे करने अधिकारियों को बोला जाएगा। स्वीकृति मिलेगी और काम भी ये ही करेंगे। एसपी ने कहा कि नक्सली सप्ताह के बीच नक्सलियों का सरेंडर यह बताता है कि अब लोग नक्सलवाद से तंग आ चुके हैं।

सरेंडर करते ही नक्सलियों ने कलेक्टर से ये मांगें की

  • मासापारा स्कूल भवन दोबारा बनाया जाए।
  • झिरका में सड़क बने।
  • झारालावा नदी में पुलिया बने ।
  • धुरली में पुलिया बने।
  • बालेमपारा पुलिया बनाई जाए।

सरेंडर के बाद ली शपथ
भांसी थाने में सरेंडर नक्सलियों ने शपथ ली। इनमें एक-एक लाख के इनामी डीएकेएमएस अध्यक्ष तेलाम भीमा, सीएनएम अध्यक्ष तेलाम चैतू, सीएनएम अध्यक्ष संतु कुंजाम, डीएकेएमएस अध्यक्ष मंगल भास्कर सहित अन्य सभी डीएकेएमएस व सीएमएन सदस्य हैं। ये सभी झिरका, मासापारा, गमावाड़ा के रहने वाले हैं।



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Surrender of 18, said - there should be development


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