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फसल बीमा ऐच्छिक फिर भी 17 हजार किसानों ने किया आवेदन

इस बार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऐच्छिक होने के बाद भी इसका लाभ लेने के लिए इस साल 17 हजार किसानों ने आवेदन किया है जो आने वाले दिनों में 20 हजार तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस साल बीमा योजना के ऐच्छिक होने के बाद भी 14 जुलाई तक इस योजना का लाभ नहीं लेने के लिए एक भी किसान ने आवेदन नहीं दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि कुछ पैसे देने के बाद बड़ी मात्रा में लाभ मिलने से आने वाले दिनों में कोई भी किसान आवेदन नहीं देगा। 17 हजार में से करीब 8 हजार ऋणी और 9 हजार अऋणी किसानों ने आवेदन किया है।
जानकारी के मुताबिक जिले में धान व मक्का की फसल लेने वाले किसान इस योजना का लाभ देना है। योजना के तहत सभी अधिसूचित फसलों के लिए बीमा इकाई गांव को निर्धारित किया गया है। खरीफ फसल लेने वाले जिले के किसान योजना के तहत 15 जुलाई तक अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। फसल बीमा के लिए किसानों को बुआई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा जो ग्रामसेवक अथवा पटवारी के द्वारा दिया जाएगा।
कृषि विभाग के सहायक संचालक विकास साहू ने बताया कि इस योजना में ऋणी किसान ऐच्छिक आधार पर फसल बीमा में शामिल हो रहे हैं वहीं जो ऋणी किसान योजना में शामिल होना नहीं चाहते, उन्हें केंद्र सरकार द्वारा जारी प्रपत्र में स्वयं का हस्ताक्षरित घोषणा पत्र संबंधित वित्तीय संस्थान अथवा बैंक में आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिन पूर्व तक जमा करना था लेकिन अब तक एक भी किसान ने फॉर्म जमा नहीं किया है। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 9 हजार अऋणी किसानों को फॉर्म भरकर जमा कराया गया है। जबकि जिला सहकारी केंद्रीय ने सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 8 हजार 242 किसानों को इस योजना से जोड़ा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस योजना से जुड़ने वाले किसानों की संख्या 20 हजार तक पहुंच सकती है।
प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि 760-860 रुपए
सरकार ने फसल बीमा के लिए प्रीमियम राशि निर्धारित कर दी है। धान सिंचित के लिए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि 860 रुपए, असिंचित के लिए 760 रुपए और मक्का की फसल के लिए भी प्रति हेक्टेयर 660 रुपए प्रीमियम राशि जमा करना पड़ रहा है। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक, सहकारी समिति द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाएगा, उन्हें केवल घोषणा और बोआई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अऋणी किसानों को बीमा प्रस्ताव फॉर्म, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व साक्ष्य, बोआई प्रमाण पत्र एवं घोषणा पत्र प्रस्तुत करना है जो इस समय बड़ी संख्या में किसानों द्वारा किया जा रहा है। अब तक 9 हजार 127 अऋणी किसानों का आवेदन भरकर बैंकों में जमा कराया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल 25 हजार 943 किसानों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए फॉर्म भरा था। जिसमें से 4819 किसानों को फसलों के नुकसान होने पर 4 करोड़ 89 लाख रुपए मिले थे।



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