जिला एवं सत्र न्यायालय में पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विशेष ई-लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। इसमें 6 खंडपीठों में 15 मामलों का निपटारा किया गया। तीन साल पुराने विवाद और मारपीट के मामले को सुलझाया गया। वहीं 1 करोड़ 22 लाख 8 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इस दौरान न्यायालय के कर्मचारी भी व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
112 मामलों को किया गया था शामिल : ई-लोक अदालत में 24 मोटर दुर्घटना दावा, 34 आपराधिक मामले, 4 व्यवहारवाद, 25 चेक बाऊंउ, 13 पारिवारिक मामले, 12 श्रम संबंधी समेत कुल 112 मामलों का निपटारा किया जाना था। इसमें गठित 6 खंडपीठों ने 9 मामलों का निराकरण कर 1 करोड़ 1 लाख 68 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया। इसके साथ ही दो आपराधिक और 2 श्रम संबंधी मामलों में 12 लाख 40 हजार रुपए की डिक्री दी गई।
जज कोर्ट में रहे, पक्षकार-वकील ऑनलाइन जुड़े
एक समय में लोक अदालत के दौरान जहां जिला एवं सत्र न्यायालय में भारी गहमागहमी का माहौल होता था, वहीं शनिवार को आयोजित ई-लोक अदालत में परिसर में लोगों की भीड़ ही नजर नहीं आई। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पक्षकार, अधिवक्ता और न्यायाधीश भी मामलों पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाते दिखे। मामलों की पैरवी करने जहां अधिवक्ता ऑनलाइन जुड़े रहे, वहीं पक्षकार भी अपने घर पर बैठकर न्यायालय में अपनी उपस्थिति दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव और सीजेएम बलराम कुमार देवांगन ने बताया कि ई-लोक अदालत के लिए पक्षकारों से उनके मामलों को निराकृत करने सबसे पहले उनसे न्यायालयीन कार्रवाई के लिए आवश्यक दस्तावेज मंगाए गए। इसके बाद सुनवाई की गई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/38PtlGh
via
Comments
Post a Comment