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पहले 150 दिन में 82 दुर्घटनाएं, अब 30 दिन में 20 हादसे, 25% अधिक

लॉकडाउन के कारण इस साल छह माह में पिछले साल की अपेक्षा हादसों की संख्या में 50 फीसदी की गिरावट आई है पर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही पिछले एक माह में हादसे फिर बढ़ने लगे हैं। इस साल छह माह में 102 हादसों में 77 की मौत हुई है। इस समय तक पिछले साल 229 दुर्घटनाएं हो चुकी थी, जिसमें 137 की मौत हुई थी। लॉकडाउन के कारण पिछले पांच माह में 82 दुर्घटनाएं हुई थीं पर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही पिछले एक माह में 20 हादसे हो चुके हैं।
जनवरी से जून तक के आंकड़ों पर नजर डाले तो इस साल सड़क हादसों में भारी कमी आई है। हादसे में मरने वालों की संख्या भी बीते सालों के मुकाबले आधी है। हादसों में कमी की मुख्य वजह लॉकडाउन है। लॉकडाउन में सड़क पर परिवहन लगभग दो माह तक बंद रहा। इससे इस वर्ष ना ज्यादा हादसे हुए और ना ही मौतें, पर अब अनलॉक होने के बाद फिर से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ने लगी है। अनलॉक के बाद बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यातायात पुलिस ने जांच व कार्रवाई भी शुरू कर दी है। सड़क हादसों के आंकड़े बताते हैं कि जितनी भी दुर्घटनाएं बीते साल हुई थी, उसमें सबसे अधिक दुर्घटनाओं के शिकार बाइक सवार हुए हैं। मरने वालों में भी बाइकर्स ही अधिक है। यही वजह है कि पुलिस दोपहिया वाहन सवारों को ज्यादा फोकस कर रही है। एक बाइक पर 3 सवारी के मामलों में कार्रवाई चल रही है। बीते साल के छह महीने में हुए हादसों पर नजर डालें तो ट्रक, भारी वाहन व चारपहिया वाहन से जितने हादसे हुए थे, उससे तीन गुना ज्यादा हादसे दोपहिया वाहन चालकों के हुए हैं। बीते साल बाइक से 30 हादसों में 19 मौत सहित 137 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआत छह माह में हुई थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2011 में सड़क दुर्घटना के 230 मामले सामने आए थे।

हर दुर्घटना नई जगह पर
जशपुर जिले में ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हों। इसलिए यहां ब्लैक स्पॉट के रूप में एक भी स्थान चयनित नहीं हुआ है। यहां हर दुर्घटना नए-नए स्थानों पर हुई है। वर्ष 2018 तक शहर के जैन मंदिर से लेकर एनईएस कॉलेज को ब्लॅक स्पॉट माना जाता था। पर बीते तीन साल में यहां एक भी दुर्घटना नहीं होने के कारण अब इसे ब्लॅक स्पॉट से हटा दिया गया है।

पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो की मौत
अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दाे युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना दोकड़ा चौकी क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआं के पास की बताई जा रही है। ग्राम छेराघोघरा निवासी उमेश राम पिता दयाराम 19 वर्ष और अमित कुमार पिता कल्थू 18 वर्ष मंगलवार को गांव से कुछ सामान खरीदने के लिए बंदरचुआं गए थे। दोपहर 3 बजे वे बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। रास्ते में ठाकुरटाेली के पास पिकअप चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक सवार दोनों युवक को सामने से टक्कर मार दी। पिकअप के पहियों के नीचे आने से दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश की पहचान कर परिजनों को बुलवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

32 वाहन चालकों पर पुलिस ने की कार्रवाई
यातायत पुलिस की टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न चेकिंग प्वाइंट पर जांच करते हुए 32 वाहन चालकों के विरूद्ध कार्रवाई की है। यातायात पुलिस की टीम ने दोपहिया वाहन पर तीन सवारी, बगैर मास्क लगाए सफर करने, ऑटो व चारपहिया वाहन पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर के महाराजा चौक, गम्हरिया प्रवेश द्वार, गिरांग प्रवेश द्वार के पास चेकिंग प्वाइंट बनाया था। चेकिंग के दौरान कई ऑटो चालक ऐसे भी दिखे जिन्होंने वाहन में फिजिकल डिस्टेंसिंग या मास्क का पालन ना करते हुए यात्रियों को बैठाया था।



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82 accidents in first 150 days, now 20 accidents in 30 days, 25% more


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