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15 सालों के पेपर सॉल्व कर कृष को 12वीं में 98.25, 10वीं में सुयश को 99, पढ़ाई के साथ हॉबी को भी दिया पूरा वक्त

काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) यानी 10वीं और इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईसीएस) यानी 12वीं का रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया। शहर में इस बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या चार हैं। इनमें सालेम, सेंट जेवियर, सेंट मैरी ओर रेडियंट-वे स्कूल हैं। सभी स्कूलों कारिजल्ट लगभग 100 फीसदी रहा। दोनों क्लास में शहर के लगभग 50-50 स्टूडेंट्स को 90 परसेंट से ज्यादा मिले हैं। सेंट मैरी स्कूल में जयेश शर्मा टॉपर रहे। टॉपर्स ने कहा कि बोझ समझकर पढ़ने के बजाय पढ़ाई को फन की तरह लिया और हॉबी को भी पूरा समय दिया। पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर और मॉक टेस्ट सॉल्व करने की आदत से भी उन्हें ये सफलता मिली है।

पढ़ाई से पहले और बाद में बनाता था कार्टून-पेंटिंग, अटैंड किए हर फंक्शन
सुयश सोनी, 10वीं- 99.0%

रेडियंट वे स्कूल के सुयश ने बताया, हर सब्जेक्ट के 20-20 प्रैक्टिस पेपर सॉल्व किए। स्कूल से घर आने के बाद रिटन प्रैक्टिस करता था। एग्जाम में कैसे सवाल आ सकते हैं, क्वेश्चन कितने जल्दी सॉल्व करना है जैसे पॉइंट्स पर स्ट्रैटजी बनाई। हर टॉपिक के बाद शॉर्ट नोट्स बनाता था। चैप्टर के जरूरी पॉइंट्स को हाईलाइट करता था। फैमिली में होने वाले हर फंक्शन को अटैंड किए। पेंटिंग मेरी हॉबी है। पढ़ाई से पहले और बाद में पेंटिंग करना नहीं भूला। तनाव दूर करने में पेंटिंग या कार्टून बनाने से काफी हेल्प मिली। आगे नीट की तैयारी करना है।

पढ़ाई से मन ऊबने पर खेलता था टेबल टेनिस, वीक पॉइंट को किया दुरुस्त

कृष अग्रवाल, 12वीं (कॉमर्स)- 98.25%
सेंट जेवियर्स स्कूल के कृष अग्रवाल ने बताया, मैंने परीक्षा के लिए कोई खास तैयारी नहीं की। अच्छे मार्क्स लाने के बजाय बेहतर तैयारी करने पर ज्यादा फोकस किया। पिछले 15 सालों के पेपर साॅल्व किए। एडवांस्ड स्टडी को तव्वजो दी। पेपर सॉल्व करने का टाइम फिक्स रखा। इससे पेपर देने की स्पीड बढ़ गई। एग्जाम से पहले एक चार्ट तैयार किया, जिसमें अपने स्ट्रॉन्ग व वीक पॉइंट्स लिखे। वीक पॉइंट्स को दुरुस्त करने जुट गया। पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी है इसलिए रोज लगभग दो घंटे टेबल टेनिस जरूर खेलता था। जब भी पढ़ाई से मन ऊबने लगता, दोस्तों के साथ खेलने चला जाता।

10 साल के पेपर सॉल्व किए, म्यूजिक-साइकिलिंग से दूर करता था स्ट्रेस
विनायक श्रीवास्तव, 12वीं (साइंस)- 97.0%

विनायक श्रीवास्तव ने बताया, मैंने 12वीं के साथ जेईई की भी तैयारी की। पिछले 10 साल के पेपर के साथ सैंपल पेपर भी सॉल्व किए। रोज 6 घंटे की पढ़ाई का टारगेट सेट कर रखा था। इस दौरान सोशल मीडिया से भी जुड़ा रहा, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के लिए एक फिक्स समय रखा। बोरियत दूर करने कभी गाने सुनता तो कभी साइकिलिंग के लिए निकल जाता था। टॉपिक्स याद रखने के लिए दीवारों पर चार्ट चिपका रखे थे, जिसे आते-जाते पढ़ता था। दोस्तों के साथ ग्रुप डिस्कशन करने का भी फायदा मिला। प्री-बाेर्ड तक स्कूल का पूरा सेलिबस कंप्लीट कर लिया था। जेईई में 97.2 परसेंटाइल आए हैं। पापा नरेंद्र श्रीवास्तव सिविल इंजीनियर और मम्मी भारती श्रीवास्तव हाउसवाइफ हैं।

12वीं के टॉप-5 स्टूडेंट्स

  • कशिश वाधवानी- 98.0%
  • संस्कृति नत्थानी- 96.25%
  • रोहित डाेरिया-95.5%
  • माही चंद्राकर- 94.5%
  • तनिषा अग्रवाल- 94.0%

10वीं के टॉप-5 स्टूडेंट्स

  • प्रतीक त्रिपाठी- 98.60%
  • कृष अग्रवाल- 97.4%
  • चेतन राज- 97.0%
  • आकांक्षा मोदीवाले- 97%
  • अनंत केडिया- 96.60%


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After 15 years of paper solving, Krish was given 98.25 in 12th, Suyash 99 in 10th, along with Hobby gave full time.


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