जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने का फैसला किया है। 130 निजी अस्पतालों से सहयोग की अपेक्षा कर विभाग ने एक चिट्ठी जारी की है।
चिट्ठी में लिखा है कि संक्रमण काल में निजी अस्पतालों में कोविड के संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाना आवश्यक है। इसपर चर्चा करने के साथ ही अब उनके अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की सहमति प्राप्त करने के लिए कहा है, लेकिन इसके लिए अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसकी जरूरी जानकारी ये है कि किसी भी निजी अस्पताल में मरीज इलाज करने जाएंगे तो उन्हें इलाज का भुगतान स्वयं से करना होगा। अगर मरीज निजी में नहीं जाना चाहते तो सरकारी सुविधाएं उनके लिए हैं ही। आश्चर्य की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन पहले 130 अस्पतालों को चिट्ठी भेजी थी लेकिन अभी तक जिले के एक भी निजी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को कोरोना के इलाज करने में न तो रुचि दिखाई और न ही कोई जवाब दिया है। निजी अस्पतालों में सिर्फ उन्हें मरीजों का इलाज किया जा सकेगा जो ए-एसिम्टोमैटिक यानी जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार या फिर कोरोना जैसे कोई लक्षण नहीं होेंगे।
बढ़ रहे मरीज, सरकारी अस्पतालों में कम हो रहे बिस्तर
इधर प्रदेश में लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सरकारी अस्पतालों में कोविड के लिए बिस्तरों की संख्या कम होती जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए अब निजी अस्पतालों को भी कोरोना संक्रमितों के इलाज करने की अनुमति दे दी जा रही है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने जिला के 13० निजी चिकित्सालय को पत्र लिख कहा है कि राज्य में कोविड 19 के बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए निजी अस्पतालों में कोविड़-19 से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। इस लिए आप शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और आई.सी.एम.आर द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन कर इलाज करा सकते हैं।
होटलों में भी करा सकते हैं इलाज
सीएमएचओ ने बताया कि निजी अस्पताल कोरोना संक्रमित ए-एसिम्टोमैटिक मरीजों का इलाज अपने निजी अस्पताल में भर्ती करके कर सकता है। जिसका संपूर्ण व्यय मरीज द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा। जिले में संचालित निजी अस्पतालों के पास यदि बिस्तरों की संख्या कम है तो वो कोविड-19 से संक्रमित ए-एसिम्टोमैटिक मरीजों को होटल में भी भर्ती कर इलाज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में निजी चिकित्सालय एवं होटल के मध्य आपसी समन्वय बनाते हुए होटल में भर्ती कर इलाज कर सकते है। इलाज में होने वाले भुगतान का व्यय मरीज को स्वयं देना होगा।
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