बस्तर के कई क्षेत्रों में नक्सली घटनाओं को अंजाम देने वाली नक्सली दसमी अब मुख्यधारा से जुड़ने वाली है। बस्तर जिले के चांदामेटा में रहने वाली दसमी महज 12 साल की उम्र से ही नक्सलियों से जुड़ गई थी। जब वह बच्ची थी तो एक क्रांतिकारी के तौर पर उसने लाल गलियारे में कदम रखा था उसे लगता था कि उसके इलाके के लोगों की भलाई के लिए नक्सली काम कर रहे हैं और उनका हाथ मजबूत करना जरूरी है। नक्सल संगठन में बचपन बीता और फिर जब दसमी हथियार संभालने के लायक हुई तो उसने एक के बाद एक कई घटनाओं को अंजाम दिया, कई सुरक्षाकर्मियों को शहीद कर दिया तो कई सड़कें खोद डालीं। वह नक्सलियों के चेतना नाट्य मंडली की अध्यक्ष भी बन गई, अब दसमी जब 25 साल की हुई तो उसे समझ आया कि खून खराबे से किसी का भला नहीं होने वाला है और वह मुख्यधारा में लौट आई है। दसमी ने बस्तर आईजी सुन्दरराज पी, बस्तर एसपी दीपक कुमार झा, सीआरपीएफ 80 के कमांडेंट अमिताभ कुमार के सामने बुधवार को सरेंडर किया है।
बस्तर आईजी सुन्दरराज पी. ने बताया की कटेकल्याण एरिया कमेटी सदस्य व चेतना नाट्य मंडली अध्यक्ष दसमी कुहरामी ने आत्मसमर्पण किया है। दसमी बहुत से नक्सली वारदातों में शामिल थी। 2015 में ग्राम कोलेंग के जनपद सदस्य पाण्डूराम का अपहरण कर हत्या आदि में शामिल थी।
आमचो बस्तर,आमचो पुलिस अभियान जारी
अफसरों ने बताया कि दसमी “आमचो बस्तर,आमचो पुलिस” के तहत चलाये जा रहे अभियान से प्रभावित होकर मुख्यधारा में जुड़ी है आत्मसमर्पण के बाद दसमी कुहरामी को छग पुनर्वास नीति के तहत 10 हजार रुपए दिए गए।
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