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चिरमिरी से अंबिकापुर 106 दिन बाद पहुंची पहली बस, खर्च 2 हजार, सवारियां सिर्फ 6 व किराया मिला 180 रु.

लॉकडाउन के 105 दिन गुजरने के बाद बसों का संचालन भले ही शुरू हो गया हो, लेकिन हालत यह हैं कि खर्च का 10 प्रतिशत भी किराया नहीं मिल रहा है। यह हाल सभी बसों का है।
सोमवार दोपहर 12 बजे चिरमिरी से अंबिकापुर पहुंची बस में सिर्फ 6 सवारियों ने सफर किया। जबकि इस 130 किमी के सफर में बस में लगभग दो हजार रुपए के डीजल की खपत हुई। वहीं सवारियों से सिर्फ 180 रुपए किराया मिला। यही हाल रायपुर से जगदलपुर के लिए चली बस का रहा। रायपुर से इस बस में 11 सवारियों ने सफर किया, जबकि अंबिकापुर में एक भी सवारी नहीं मिली। हालांकि इस दौरान नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। न तो ड्राइवर का केबिन अलग किया और न ही यात्रियों का नाम-पता लिखा जा रहा है। इस संबंध में चालक ने बताया कि इसके नियमों की जानकारी नहीं है। भास्कर संवाददाता ने बस में सवार होकर सफर किया। इस दौरान बस स्टैंड से लेकर आकाशवाणी चौक तक एक भी सवारियां नहीं मिली। गांधी चौक के पास सवारियों को खोजने के लिए पहले से एक परिचालक मौजूद था। बस आते ही वह भी सवारियां नहीं होने के कारण बस में सवार हो गया और दो सवारियों को लेकर बस सूरजपुर के लिए निकल गई। इस दौरान बसों में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए निर्धारित किए गए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि ड्राइवर और कंडक्टर को इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। बस में ड्राइवर के केबिन को अलग नहीं किया गया था और न ही बसों में यात्रियों को मास्क लगाने की हिदायत दी जा रही थी।

130 किमी चली बस, कई स्टाप पर नहीं मिली सवारी
सुबह साढ़े सात बजे चिरमिरी से चलकर लगभग 12 बजे अंबिकापुर पहुंची बस के कंडक्टर राकेश ने बताया कि चिरमिरी से चलने पर एक भी सवारी नहीं मिली। इसके बार बैकुंठपुर में तीन सवारियां बस में सवार हुईं। इसके बार किसी स्टॉप पर कोई सवारी नहीं मिली। इसके बाद सूरजपुर में दो सवारियां मिली और एक बिश्रामपुर से सवार हुई। इस तरह बस में कुल 6 सवारियां 130 किमी के सफर में मिलीं।

धीरे-धीरे बसें शुरू की जा रहीं, इनमें नए रूट शामिल
रविवार को जहां रामानुजगंज और वाड्रफनगर के लिए बसें चलीं। वहीं सोमवार को कुछ और नए रूट पर बसों का संचालन शुरू हुआ। हालांकि एक ही बस ने अप-डाउन किया। सोमवार को प्रेमनगर, चिरमिरी, मनेंद्रगढ़ और बचरापोड़ी के लिए बसों का संचालन हुआ। बस ऑपरेटर्स ने बताया कि धीरे-धीरे बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। सवारियां मिलने पर ही बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

पहले दिन के कारण नहीं कर पाए व्यवस्थाएं
गुप्ता बस सर्विस के संचालक दीपक गुप्ता ने बताया कि बसों के संचालन के संबंध में बनाए गए नियमों की जानकारी है और ड्राइवर और कंडक्टर को बताया भी गया है। आरटीओ विभाग में कागज जमा करने के कारण व्यस्त था और बस का पहला दिन भी था। इस कारण चूक हो गई। मंगलवार से सभी नियमों के हिसाब से बसों का संचालन किया जाएगा।

लंबे रूट की बसों में भी नहीं मिल रही सवारियां
रायपुर से जगदलपुर जाने के लिए सुबह अंबिकापुर पहुंची बस में 11 सवारियों ने यहां तक की यात्रा की। इसके बाद बस खाली ही जगदलपुर के लिए रवाना हो गई। वहीं सोमवार की शाम तक अंबिकापुर में 12 यात्रियों ने बुकिंग कराई थी। बुकिंग एजेंट ने बताया कि रायपुर से जगदलपुर तक 400 लीटर डीजल की खपत होती है। जबकि 11 सवारियों से 550 रुपए के हिसाब से 6050 रुपए किराया मिला।



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The first bus arrived in Ambikapur from Chirmiri after 106 days, cost 2 thousand, riders got only 6 and fare was Rs 180.


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